गनर्स डे पर उत्तर भारत के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा, एवीएसएम और गोल्डन फिश के सभी रैंकों ने रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी से जुड़े जवानों, पूर्व सैनिकों और परिवारों को शुभकामनाएं दीं। यह संदेश तोपखाना रेजिमेंट के प्रति सम्मान और उसके सदस्यों के योगदान को रेखांकित करता है।

संदेश में तोपखाना रेजिमेंट की कार्यशैली के 3 प्रमुख आधार बताए गए हैं—सटीकता, मारक क्षमता और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता। इसमें कहा गया कि बंदूकों की आवाज युद्धक्षेत्र की दिशा और असर को तय करती है।

किन्हें दी गईं शुभकामनाएं

शुभकामना संदेश रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के सभी रैंकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए जारी किया गया। इसमें उत्तर भारत के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा, एवीएसएम के साथ गोल्डन फिश के सभी रैंकों की ओर से अभिवादन शामिल है।

संदेश का मुख्य भाव

संदेश में तोपखाना रेजिमेंट की पहचान को सटीक काम, मजबूत फायरपावर और ड्यूटी के प्रति समर्पण से जोड़ा गया है। इसमें रेजिमेंट से जुड़े मौजूदा सदस्यों, पूर्व सैनिकों और परिवारों के सामूहिक योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।

निष्कर्ष

गनर्स डे के अवसर पर जारी शुभकामना संदेश ने रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी की सटीकता, क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा को प्रमुखता दी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. गनर्स डे पर किसने शुभकामनाएं दीं?

उत्तर भारत के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा, एवीएसएम और गोल्डन फिश के सभी रैंकों ने शुभकामनाएं दीं।

Q. शुभकामनाएं किन लोगों के लिए थीं?

यह संदेश रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के सभी रैंकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए था।

Q. संदेश में किस रेजिमेंट का उल्लेख है?

संदेश में रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी का उल्लेख किया गया है।

Q. तोपखाना रेजिमेंट की किन विशेषताओं पर जोर दिया गया?

संदेश में सटीकता, मारक क्षमता और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता को प्रमुखता दी गई।

Q. गोल्डन फिश की भूमिका क्या बताई गई है?

गोल्डन फिश के सभी रैंकों को शुभकामना संदेश में शामिल किया गया है।