देहरादून जिले के चकराता विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह चौहान समेत 2 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। त्यूणी थाने में दर्ज एफआईआर में दोनों पर बालक राम चौहान को गाली देने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
बालक राम चौहान त्यूणी के छुमरा गांव के निवासी हैं और विद्युत विभाग में लाइनमैन के पद पर काम करते हैं। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने 24 अक्टूबर 2026 को रात 8:44 AM भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) और 352 के तहत एफआईआर दर्ज की। मामले की जांच उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह को सौंपी गई है।
छात्रसंघ चुनाव में उतरी थीं दोनों बेटियां
एफआईआर के मुताबिक, बालक राम की बेटियां दीक्षा और साक्षी त्यूणी के पंडित शिवराम राजकीय महाविद्यालय में पढ़ती हैं। दीक्षा बीए प्रथम वर्ष और साक्षी बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। दोनों ने कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में हिस्सा लिया था। दीक्षा ने सचिव और साक्षी ने सहसचिव पद के लिए चुनाव लड़ा था।
शिकायत में बालक राम ने आरोप लगाया कि उनकी दोनों बेटियों को कांग्रेस में शामिल कराने के लिए दबाव बनाया गया। उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर को चमन सिंह चौहान और राजपाल सिंह ने उन्हें शाम 8:23 AM, 9 बजे और 9:15 AM फोन किया। आरोप है कि बातचीत के दौरान बेटियों को कांग्रेस में शामिल कराने के लिए कहा गया और ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
बालक राम का दावा है कि फोन पर उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी और संबंधित रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित होने की बात कही है।
बिजलीघर पहुंचने का भी आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब आरोपियों को बातचीत रिकॉर्ड किए जाने की जानकारी मिली तो उन्हें और उनके परिवार को दोबारा धमकाया गया। आरोप है कि 7 अक्टूबर को ही दोनों आरोपी कुछ अन्य लोगों के साथ त्यूणी बिजलीघर पहुंचे।
एफआईआर में कहा गया है कि बिजलीघर में मौजूद कर्मचारी देवेश बिजल्वाण ने आरोपियों को बताया कि बालक राम वहां से जा चुके हैं। इसके बाद भी आरोपियों ने उनके बारे में पूछताछ की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी—यह शिकायत में लगाया गया आरोप है।
बालक राम ने अपनी और परिवार की सुरक्षा की मांग करते हुए कार्रवाई की अपील की थी। इसके बाद वह पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान और अन्य भाजपा नेताओं के साथ देहरादून में एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल से मिले। उन्होंने एसएसपी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देकर परिवार की सुरक्षा की मांग रखी।
ऑडियो को लेकर राजनीतिक विवाद
कथित फोन बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया। ऑडियो में चमन सिंह चौहान और राजपाल सिंह की आवाज होने का दावा किया गया है। हालांकि, चमन सिंह चौहान ने ऑडियो को एडिटेड बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।
पुलिस जांच में ऑडियो की प्रमाणिकता और बातचीत का वास्तविक संदर्भ स्पष्ट होगा। अभी एफआईआर में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मुकदमा दर्ज होना आरोपों की जांच की शुरुआत है, इसे आरोपियों की दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।
निष्कर्ष
त्यूणी थाने में चमन सिंह चौहान और राजपाल सिंह के खिलाफ बालक राम चौहान की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है। शिकायत में फोन पर धमकी, गाली-गलौज और बिजलीघर पहुंचकर धमकाने के आरोप हैं। पुलिस ने जांच उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह को सौंपी है, जबकि कथित ऑडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि अभी बाकी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. इस मामले में किन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है?
चमन सिंह चौहान और राजपाल सिंह के खिलाफ त्यूणी थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। चमन सिंह चौहान कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।
Q. शिकायत किसने दर्ज कराई है?
शिकायत छुमरा गांव निवासी बालक राम चौहान ने दर्ज कराई है। वह विद्युत विभाग में लाइनमैन हैं।
Q. शिकायत में क्या आरोप लगाए गए हैं?
शिकायत में गाली-गलौज, फोन पर धमकी देने और त्यूणी बिजलीघर पहुंचकर जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
Q. बालक राम की बेटियां इस मामले से कैसे जुड़ी हैं?
उनकी बेटियां दीक्षा और साक्षी पंडित शिवराम राजकीय महाविद्यालय में पढ़ती हैं। दोनों ने छात्रसंघ चुनाव लड़ा था।
Q. पुलिस ने कौन-सी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
Q. मामले की जांच किस अधिकारी को दी गई है?
मामले की जांच उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह को सौंपी गई है।
Q. क्या कथित ऑडियो की पुष्टि हो चुकी है?
नहीं। ऑडियो में आवाजों को लेकर दावा किया गया है, लेकिन इसकी प्रमाणिकता और बातचीत के संदर्भ की पुष्टि पुलिस जांच के बाद होगी।










