हरिद्वार के लालढांग क्षेत्र स्थित पीली पड़ाव में हाथी ने किसानों की लगभग 2 बीघा धान की फसल खराब कर दी। किसानों के अनुसार, हाथी पिछले 10 दिनों से आबादी वाले इलाके में आ रहा है। इससे खेतों की रखवाली करना मुश्किल हो गया है।

बलजीत कमल और जीवानंद बहुगुणा ने बुधवार रात फसल के नुकसान की जानकारी दी। उनका कहना है कि हाथी के बार-बार खेतों तक पहुंचने से किसान धान की सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं।

किसानों ने की गश्त बढ़ाने की मांग

किसानों ने हाथी को खेतों और आबादी में आने से रोकने के लिए श्यामपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी से नियमित गश्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार निगरानी से हाथी की आवाजाही पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

पीली पड़ाव चौकी के सेक्शन अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि हाथी को आबादी में आने से रोकने के लिए गश्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसल हाथी के कारण खराब होती है, उनकी रिपोर्ट तैयार कर मुआवजे के लिए भेजी जाती है।

निष्कर्ष

पीली पड़ाव में हाथी की लगातार आवाजाही से धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। वन विभाग गश्त कर रहा है और प्रभावित किसानों की रिपोर्ट मुआवजे के लिए भेजी जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. हाथी ने किस इलाके में फसल को नुकसान पहुंचाया?

पीली पड़ाव में हाथी ने धान की फसल खराब की है। यह इलाका लालढांग क्षेत्र में आता है।

Q. कितनी फसल प्रभावित हुई है?

किसानों के अनुसार, लगभग 2 बीघा धान की फसल को नुकसान पहुंचा है।

Q. हाथी कितने दिनों से आबादी क्षेत्र में आ रहा है?

हाथी पिछले 10 दिनों से पीली पड़ाव के आबादी क्षेत्र में पहुंच रहा है।

Q. किसानों ने वन विभाग से क्या मांग की है?

किसानों ने श्यामपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी से गश्त कराने की मांग की है।

Q. फसल नुकसान के बाद किसानों के लिए क्या प्रक्रिया है?

फसल नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर मुआवजे के लिए भेजी जाती है।