देहरादून पुलिस के अनुसार, डोईवाला पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की संयुक्त टीम ने एक व्यक्ति को फर्जी सहायक सुरक्षा आयुक्त के रूप में गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि वह असिस्टेन्ट कमाण्डेट बनकर ठगी करने की फिराक में था।
यह कार्रवाई एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में की गई। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति खुद को सहायक सुरक्षा आयुक्त और असिस्टेन्ट कमाण्डेट बताकर लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
बरामद सामान
संयुक्त टीम ने उसके पास से नीली बत्ती लगी आर्टिगा कार बरामद की। इसके अलावा आरपीएफ की पी-कैप भी मिली है। पुलिस ने इन बरामद वस्तुओं को मामले की कार्रवाई में शामिल किया है।
पुलिस के साझा किए गए विवरण में गिरफ्तार व्यक्ति का नाम, उसके खिलाफ दर्ज धाराएं और कथित ठगी से जुड़े किसी पीड़ित की जानकारी नहीं दी गई है। यह भी नहीं बताया गया है कि उससे कितनी रकम की ठगी हुई या किसी व्यक्ति से वास्तविक लेन-देन हुआ था।
निष्कर्ष
डोईवाला पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने फर्जी सहायक सुरक्षा आयुक्त बनकर ठगी की फिराक में रहे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसके पास से नीली बत्ती वाली आर्टिगा कार और आरपीएफ की पी-कैप बरामद हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. डोईवाला में किसे गिरफ्तार किया गया?
पुलिस के अनुसार, फर्जी सहायक सुरक्षा आयुक्त बनकर ठगी करने की फिराक में रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
Q. कार्रवाई किस टीम ने की?
डोईवाला पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
Q. गिरफ्तार व्यक्ति किस पद का इस्तेमाल कर रहा था?
पुलिस के अनुसार, वह सहायक सुरक्षा आयुक्त और असिस्टेन्ट कमाण्डेट बनकर लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
Q. उसके पास से क्या बरामद हुआ?
उसके पास से नीली बत्ती लगी आर्टिगा कार और आरपीएफ की पी-कैप बरामद हुई।
Q. पुलिस के अनुसार उसका इरादा क्या था?
पुलिस का कहना है कि वह असिस्टेन्ट कमाण्डेट बनकर ठगी करने की फिराक में था।










