मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत में पूजा-अर्चना के साथ नवनिर्मित सर्किट हाउस का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने जनपद में लगभग ₹96 करोड़ की लागत वाली 16 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
चम्पावत दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने लोगों की समस्याएं और सुझाव सुने। धामी ने कहा कि चम्पावत को आदर्श जनपद के रूप में विकसित करना राज्य सरकार का संकल्प है। इसके लिए अगले 25 से 50 वर्षों की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध विकास किया जा रहा है।
सड़क, परिवहन और जलभराव पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में सड़क, परिवहन, पार्किंग, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग सहित विभिन्न सड़कों को सुगम बनाने का काम जारी है। जनपद में बाईपास, बहुमंजिला पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
टनकपुर में निर्माणाधीन आईएसबीटी से परिवहन सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद जताई गई। मुख्यमंत्री ने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगभग ₹66 करोड़ की लागत से तैयार किए गए ड्रेनेज प्लान की जानकारी दी। उन्होंने विद्युत लाइनों को भूमिगत करने और दूरस्थ क्षेत्रों में संचार सुविधाओं का विस्तार करने पर भी जोर दिया।
ग्राम सभाओं के लिए ₹10 लाख की घोषणा
मुख्यमंत्री ने विकासखंड चम्पावत की प्रत्येक ग्राम सभा को स्थानीय विकास कार्यों के लिए ₹10 लाख देने की घोषणा की। इस रकम से ग्राम सभाएं अपनी जरूरत के अनुसार पुस्तकालय, सड़क, आजीविका संवर्धन और आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन सहित जनहित के काम करा सकेंगी।
उन्होंने ₹1.37 करोड़ की लागत से बने देवभूमि रजत जयंती पार्क का भी लोकार्पण किया। पार्क में मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुलाकात की और उन्हें चॉकलेट बांटी। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, पीआरडी जवानों, मिनिस्टीरियल संवर्ग, रोडवेज कर्मचारियों, पशुपालकों, राज्य आंदोलनकारियों, पूर्व सैनिकों और सहकारिता से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने सप्तेश्वर/सप्तकोशी परिक्रमा प्रस्तावक समिति और मीडिया प्रतिनिधियों से भी संवाद किया।
बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में घोषणाएं
मुख्यमंत्री चम्पावत जिला बार एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा विशिष्ट अतिथि रहे। धामी ने एसोसिएशन की नवगठित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। आम नागरिकों को न्याय दिलाने और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा में उनकी अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आम लोगों को सरल, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
समारोह में मुख्यमंत्री ने जनपद की न्याय पंचायतों में सामुदायिक उपयोग के लिए सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की। जिला बार एसोसिएशन में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए चैम्बर, वाहन पार्किंग और आधुनिक ई-लाइब्रेरी बनाने की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री के चम्पावत पहुंचने पर सर्किट हाउस हेलीपैड में जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
चम्पावत दौरे में मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस और देवभूमि रजत जयंती पार्क का लोकार्पण किया। साथ ही ₹96 करोड़ की 16 योजनाओं, जलभराव समाधान, ग्राम सभाओं की मदद और बार एसोसिएशन से जुड़े कई कार्यों पर घोषणाएं कीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. चम्पावत में मुख्यमंत्री ने किस भवन का लोकार्पण किया?
मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना के साथ नवनिर्मित सर्किट हाउस का लोकार्पण किया।
Q. चम्पावत में कितनी विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ?
जनपद में लगभग ₹96 करोड़ की लागत वाली 16 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।
Q. जलभराव की समस्या के लिए क्या योजना तैयार की गई है?
जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगभग ₹66 करोड़ की लागत का ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया है।
Q. ग्राम सभाओं के लिए मुख्यमंत्री ने क्या घोषणा की?
विकासखंड चम्पावत की प्रत्येक ग्राम सभा को स्थानीय विकास कार्यों के लिए ₹10 लाख देने की घोषणा की गई।
Q. देवभूमि रजत जयंती पार्क की लागत कितनी है?
देवभूमि रजत जयंती पार्क का निर्माण ₹1.37 करोड़ की लागत से हुआ है।
Q. जिला बार एसोसिएशन के लिए कौन-कौन से काम घोषित हुए?
अधिवक्ताओं के लिए चैम्बर, वाहन पार्किंग और आधुनिक ई-लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की गई।













