देहरादून के परेड ग्राउंड में 181 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन तय तकनीक से नहीं हो सका। पुतले को रिमोट कंट्रोल के जरिए जलाने की तैयारी की गई थी, लेकिन ऐन मौके पर सेंसर फेल हो गए।
तकनीकी खराबी के बाद आयोजकों ने रिमोट सिस्टम पर निर्भर रहने के बजाय मशाल से पुतले में आग लगाई। इस तरह कार्यक्रम को पारंपरिक तरीके से पूरा किया गया।
रिमोट सिस्टम ने दिया धोखा
रावण के पुतले में आग लगाने के लिए सेंसर आधारित व्यवस्था रखी गई थी। इसका उद्देश्य रिमोट कंट्रोल से दहन शुरू करना था। हालांकि, जब दहन का समय आया, तो सेंसर ने काम नहीं किया।
सिस्टम के असफल होने के बाद आयोजकों के पास तत्काल पारंपरिक तरीका अपनाने का विकल्प बचा। मशाल के जरिए पुतले में आग लगाई गई और दहन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
परेड ग्राउंड में जुटे लोगों के सामने हुआ दहन
यह घटनाक्रम देहरादून के परेड ग्राउंड का है। 181 फुट का पुतला इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण था। रिमोट कंट्रोल से दहन नहीं हो पाने के कारण तकनीकी व्यवस्था के बजाय मशाल का इस्तेमाल करना पड़ा।
इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें रिमोट आधारित दहन की तैयारी के बाद सेंसर के काम नहीं करने और फिर मशाल से आग लगाए जाने का घटनाक्रम दिखाई देता है।
निष्कर्ष
देहरादून के परेड ग्राउंड में 181 फुट के रावण का दहन सेंसर फेल होने के कारण रिमोट कंट्रोल से नहीं हो सका। आयोजकों ने मशाल का इस्तेमाल कर कार्यक्रम पूरा किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. देहरादून में रावण का पुतला कितना ऊंचा था?
181 फुट ऊंचा रावण का पुतला परेड ग्राउंड में लगाया गया था।
Q. पुतले को कैसे जलाने की तैयारी थी?
पुतले को रिमोट कंट्रोल के जरिए जलाने की तैयारी की गई थी।
Q. रिमोट कंट्रोल से दहन क्यों नहीं हो सका?
दहन के समय सेंसर फेल हो गए, इसलिए रिमोट सिस्टम काम नहीं कर पाया।
Q. इसके बाद आयोजकों ने क्या किया?
आयोजकों ने मशाल के जरिए पुतले में आग लगाई।
Q. यह घटनाक्रम कहां हुआ?
यह घटनाक्रम देहरादून के परेड ग्राउंड में हुआ।













