मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रतिनिधियों के क्षमता निर्माण के लिए आयोजित एक दिवसीय अभिमुखीकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में उन्होंने पंचायतों को मजबूत बनाने और ग्रामीण स्तर पर विकास को गति देने पर जोर दिया।
धामी ने कहा कि सशक्त पंचायतें विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव हैं। उनके मुताबिक, पंचायतों को अधिकार, जानकारी और प्रशिक्षण से जोड़कर जमीनी स्तर पर विकास की दिशा को बेहतर बनाया जा सकता है।
इस कार्यक्रम से राज्य के सभी विकासखंडों के 60,000 से अधिक पंचायती राज प्रतिनिधियों को एक साथ जोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने इसे महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे विकास को जमीनी स्तर पर नई दिशा देने में मदद मिलेगी।
पंचायत प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण का उद्देश्य
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों का क्षमता निर्माण करना था। अभिमुखीकरण और प्रशिक्षण के जरिए प्रतिनिधियों को पंचायत स्तर पर विकास से जुड़ी भूमिका के लिए तैयार करने पर ध्यान दिया गया।
राज्य के सभी विकासखंडों के प्रतिनिधियों को एक साथ जोड़ने से इस पहल का दायरा व्यापक हुआ। मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार, पंचायतों की मजबूती को उत्तराखंड के विकास से सीधे जोड़ा गया है।
जमीनी विकास पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पंचायतें गांवों और स्थानीय स्तर पर विकास की बुनियादी इकाई हैं। इसलिए पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण से जोड़ना विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक बेहतर ढंग से ले जाने के लिए महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सशक्त पंचायतों को विकसित उत्तराखंड की नींव बताया। उन्होंने 60,000 से अधिक प्रतिनिधियों की एक साथ भागीदारी को राज्य के पंचायती राज क्षेत्र के लिए अहम पहल के रूप में रेखांकित किया।
निष्कर्ष
हरिद्वार में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम के जरिए राज्य के सभी विकासखंडों के 60,000 से अधिक पंचायती राज प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने पंचायतों को मजबूत बनाकर जमीनी विकास को नई दिशा देने पर जोर दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया?
हरिद्वार में त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रतिनिधियों के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
Q. कार्यक्रम में किसने हिस्सा लिया?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
Q. कार्यक्रम कितने समय का था?
यह एक दिवसीय अभिमुखीकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम था।
Q. प्रशिक्षण से कितने प्रतिनिधि जुड़े?
राज्य के सभी विकासखंडों के 60,000 से अधिक पंचायती राज प्रतिनिधियों को इससे जोड़ा गया।
Q. मुख्यमंत्री ने पंचायतों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि सशक्त पंचायतें विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव हैं।
Q. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
कार्यक्रम का उद्देश्य त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रतिनिधियों का क्षमता निर्माण करना था।












