ऋषिकेश तहसील के छिद्दरवाला क्षेत्र में बिना वैधानिक दस्तावेज उपखनिज भरान कर भूमि विकास करने के मामले में खनिज विभाग ने 1.51 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। विभागीय टीम ने शिकायत के बाद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था।

सोमवार को हुई जांच में शिकायत स्थल पर अन्यत्र से उपखनिज लाकर भूमि विकास के लिए भरान किया जाना पाया गया। निरीक्षण के दौरान भरान में इस्तेमाल उपखनिज से जुड़े वैध दस्तावेज और रॉयल्टी संबंधित पक्ष की ओर से प्रस्तुत नहीं की जा सकी।

इस आधार पर भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने प्रचलित नीति में तय प्रावधानों के तहत कार्रवाई की। विभाग ने संबंधित पक्ष पर एक लाख 51 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है।

जिले में निरीक्षण और प्रवर्तन जारी

जिलाधिकारी देहरादून डाॅ. आशीष चौहान ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुपालन में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की टीम जिलेभर में निरीक्षण और प्रवर्तन की कार्रवाई कर रही है।

सहायक खनिज पर्यवेक्षक पंकज चंद ने बताया कि विभाग अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है। निरीक्षण के दौरान सर्वेक्षक विवेक कुमार सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे।

निष्कर्ष

छिद्दरवाला में बिना वैधानिक दस्तावेज और रॉयल्टी के उपखनिज भरान मिलने पर खनिज विभाग ने संबंधित पक्ष पर 1.51 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ विभागीय निरीक्षण जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. यह मामला कहां का है?

यह मामला देहरादून जिले की ऋषिकेश तहसील के छिद्दरवाला क्षेत्र का है।

Q. विभाग ने कितना जुर्माना लगाया है?

भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने 1.51 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।

Q. निरीक्षण में क्या पाया गया?

जांच में अन्यत्र से उपखनिज लाकर भूमि विकास के लिए भरान किया जाना पाया गया।

Q. संबंधित पक्ष से कौन से दस्तावेज मांगे गए थे?

भरान में इस्तेमाल उपखनिज से जुड़े वैधानिक दस्तावेज और रॉयल्टी प्रस्तुत करने को कहा गया था।

Q. कार्रवाई किस आधार पर की गई?

विभाग के अनुसार वैध दस्तावेज और रॉयल्टी प्रस्तुत नहीं किए जाने पर प्रचलित नीति के प्रावधानों के तहत अर्थदंड लगाया गया।