मसूरी की ग्रामसभा चामासारी के ग्रामीणों ने क्षेत्र की सड़क, पुल और भू-स्खलन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की है। सोमवार को ग्राम प्रधान विक्रम रावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने मौसी फॉल में पक्का पुल बनाने को जरूरी बताया। उनका कहना है कि पुल नहीं होने से बरसात के दौरान गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। इससे रोजमर्रा के आवागमन के साथ स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में चामासारी-बार्लोगंज मार्ग के अधूरे काम को आगे बढ़ाने की मांग भी रखी गई। ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग के 4 किलोमीटर हिस्से का काम पूरा हो चुका है, लेकिन बाकी 3 किलोमीटर का निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है।
भू-स्खलन स्थल के निरीक्षण की मांग
ग्रामीणों ने भू-स्खलन स्थल का तकनीकी निरीक्षण कराने और विशेषज्ञों की मदद से उसका उपचार कराने की मांग भी उठाई। इस संबंध में आपदा न्यूनीकरण विभाग को मांग भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई प्रगति नहीं होने की बात कही गई है।
ग्राम प्रधान विक्रम रावत ने बताया कि मंत्री गणेश जोशी को क्षेत्र की सभी समस्याओं से विस्तार से अवगत कराया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने सड़क और पुल से जुड़े काम जल्द शुरू कराने की मांग रखी।
प्रतिनिधिमंडल में सुनील सजवाण, प्रदीप, मोहन, कुंवर रावत, अर्जुन शर्मा, विकास रावत, विपिन रावत, कौशिक जेरवाण, मोहित, रोहित, संजीव, राजेंद्र, विजय, गब्बर पंवार, रमेश, विनोद रावत, भूपेंद्र रावत, हैप्पी सिंह, मनजीत, वीर सिंह, नरू थापा और आशीष पंवार समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
निष्कर्ष
चामासारी के ग्रामीणों ने मौसी फॉल में पक्का पुल, चामासारी-बार्लोगंज मार्ग के शेष 3 किलोमीटर का निर्माण और भू-स्खलन स्थल के तकनीकी उपचार की मांग मंत्री गणेश जोशी के सामने रखी है। ग्रामीणों के अनुसार, इन समस्याओं का असर बरसात में गांव के संपर्क और स्थानीय आवागमन पर पड़ता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. चामासारी के ग्रामीणों ने मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात क्यों की?
ग्रामीणों ने सड़क, पुल और भू-स्खलन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मंत्री से मुलाकात की।
Q. ग्रामीणों ने किस जगह पक्का पुल बनाने की मांग की?
उन्होंने मौसी फॉल में पक्का पुल बनाने की मांग की।
Q. चामासारी-बार्लोगंज मार्ग की स्थिति क्या है?
मार्ग के 4 किलोमीटर हिस्से का काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी 3 किलोमीटर का निर्माण शुरू नहीं हुआ है।
Q. बरसात में ग्रामीणों को किस समस्या का सामना करना पड़ता है?
ग्रामीणों के अनुसार, बरसात में गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है और आवागमन प्रभावित होता है।
Q. भू-स्खलन स्थल को लेकर क्या मांग की गई है?
ग्रामीणों ने तकनीकी निरीक्षण और विशेषज्ञों के जरिए भू-स्खलन स्थल का उपचार कराने की मांग की है।









