उत्तरकाशी के भटवाड़ी ब्लॉक के भंगेली गांव में बच्चों और महिलाओं के बीच त्वचा संबंधी संक्रमण की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत नए जलस्रोत को पेयजल लाइन से जोड़ने के बाद यह समस्या दिखाई देने लगी। गांव में 20 से ज्यादा लोग इससे प्रभावित बताए गए हैं।
प्रभावित लोगों के चेहरे पर पहले छोटे दाने निकल रहे हैं। इसके बाद कई मामलों में फोड़े-फुंसी बनने की बात सामने आई है। ग्रामीणों ने तेज जलन, खुजली, दर्द और बुखार की शिकायत भी बताई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस समस्या का कारण अभी जांच के स्तर पर है।
ग्रामीणों ने पानी की जांच की मांग की
ग्राम प्रधान संदीप ने रविवार को जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पेयजल स्रोत की जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि बीमारी के लक्षण नए स्रोत से पानी की आपूर्ति शुरू होने के बाद सामने आए हैं। ग्रामीण भी पेयजल को इसकी संभावित वजह मान रहे हैं।
रविवार को ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता व पोषण समिति की बैठक हुई। इसमें ग्रामीणों ने बच्चों और महिलाओं में बढ़ रही शिकायतों पर चर्चा की। बैठक में प्रभावित परिवारों की स्थिति और पानी की गुणवत्ता की जांच का मुद्दा उठाया गया।
स्वास्थ्य टीम ने गांव में किया परीक्षण
सीएमओ डॉ. श्याम विजय के अनुसार, भटवाड़ी स्वास्थ्य केंद्र से टीम गांव भेजी गई थी। टीम ने बच्चों और महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की और जरूरत के मुताबिक दवाएं उपलब्ध कराईं। विभाग ने ग्रामीणों को फिलहाल पानी उबालकर पीने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेयजल संक्रमण की पुष्टि करने वाली किसी जांच रिपोर्ट की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए बीमारी और जलस्रोत के बीच संबंध को अभी ग्रामीणों की शिकायत और स्थानीय दावे के रूप में ही देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
भंगेली में 20 से ज्यादा बच्चों और महिलाओं में त्वचा संबंधी लक्षणों की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उपचार शुरू किया है। अब पेयजल स्रोत की जांच से बीमारी की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. भंगेली गांव में कितने लोग प्रभावित बताए गए हैं?
गांव में 20 से ज्यादा बच्चों और महिलाओं में संक्रमण जैसे लक्षण बताए गए हैं।
Q. लोगों में किस तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं?
चेहरे पर दाने और फोड़े-फुंसी के साथ जलन, खुजली, दर्द और बुखार की शिकायत है।
Q. ग्रामीण इस समस्या की वजह किसे मान रहे हैं?
ग्रामीण इसे जल जीवन मिशन के तहत जोड़े गए नए जलस्रोत के पानी से जोड़ रहे हैं। इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
Q. स्वास्थ्य विभाग ने क्या कदम उठाया है?
भटवाड़ी स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने गांव में जांच की और प्रभावित लोगों को दवाएं दीं।
Q. ग्रामीणों को क्या सलाह दी गई है?
स्वास्थ्य विभाग ने पानी उबालकर पीने की सलाह दी है।
Q. ग्राम प्रधान ने प्रशासन से क्या मांग की है?
उन्होंने पेयजल स्रोत की जांच कर बीमारी के कारण का पता लगाने की मांग की है।









