बागेश्वर जिले के हरबगड़ गांव में सांप के डंसने से बसंती देवी की मौत हो गई। वह सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे खेत में घास काटने गई थीं। इसी दौरान जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया।

परिजन और ग्रामीण उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखकर उन्हें जिला अस्पताल बागेश्वर भेजा गया। इसके बाद उन्हें बेस अस्पताल अल्मोड़ा और फिर सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर किया गया।

इलाज के दौरान बिगड़ी हालत

सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में बसंती देवी का उपचार चल रहा था। मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद हरबगड़ गांव में शोक का माहौल है।

बसंती देवी के परिवार में उनका इकलौता अविवाहित पुत्र है। मां की मौत के बाद बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं और उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।

अस्पतालों में कराया गया उपचार

परिजनों ने पहले बसंती देवी को बैजनाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया था। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें क्रमशः बागेश्वर, अल्मोड़ा और हल्द्वानी के अस्पतालों में ले जाया गया।

निष्कर्ष

हरबगड़ में खेत पर काम करते समय सांप के डंसने से बसंती देवी की जान चली गई। कई अस्पतालों में इलाज के बाद मंगलवार सुबह हल्द्वानी में उनकी मौत हुई। गांव में परिवार के प्रति संवेदना जताने का सिलसिला जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. घटना किस गांव में हुई?

हरबगड़ गांव में यह घटना हुई, जो बागेश्वर जिले के गरुड़ विकासखंड में स्थित है।

Q. बसंती देवी को सांप ने कब डसा?

उन्हें सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे खेत में घास काटते समय सांप ने डसा था।

Q. उन्हें किन अस्पतालों में ले जाया गया?

पहले उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ ले जाया गया। इसके बाद जिला अस्पताल बागेश्वर, बेस अस्पताल अल्मोड़ा और सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी भेजा गया।

Q. बसंती देवी की मौत कब हुई?

मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में उपचार के दौरान उनकी मौत हुई।

Q. बसंती देवी के परिवार में कौन है?

उनके परिवार में इकलौता अविवाहित पुत्र है।