दिल्ली के वसंत विहार इलाके में शनिवार को हुए बाइक हादसे में अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया ब्लॉक निवासी सचिन कुमार की मौत हो गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। सचिन टटलगांव (रामपुर) के रहने वाले थे और दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे।
सचिन की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। मां प्रभा देवी और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद टटलगांव और आसपास के क्षेत्र में भी शोक की लहर है।
परिवार की जिम्मेदारी उठाने दिल्ली गए थे
सचिन 4 बहनों और 2 भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके पिता अनिल कुमार का करीब 7 वर्ष पहले निधन हो गया था। इसके बाद मां प्रभा देवी ने सिलाई-कढ़ाई करके बच्चों का पालन-पोषण किया।
घर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सचिन लगभग 18 वर्ष की उम्र में दिल्ली चले गए थे। वह नौकरी करके मां का सहारा बनना चाहते थे। परिवार के मुताबिक, उनकी कोशिश चारों बहनों की शादी कराने और घर की मुश्किलें कम करने की थी।
टटलगांव की ग्राम प्रधान नीलम रावत ने सचिन को मेहनती और होनहार युवक बताया। उन्होंने कहा कि सचिन परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने की कोशिश कर रहे थे। प्रधान ने हादसे को परिवार के सपनों पर बड़ा आघात बताया।
सचिन की असमय मौत से परिवार के सामने भावनात्मक और आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के बाद उनकी मौत मौके पर ही हुई।
निष्कर्ष
चौखुटिया के टटलगांव के 20 वर्षीय सचिन कुमार की दिल्ली में बाइक दुर्घटना में जान चली गई। परिवार ने उन्हें कम उम्र में खो दिया, जबकि वह मां का सहारा बनने और बहनों की जिम्मेदारी निभाने के लिए नौकरी कर रहे थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सचिन कुमार कहां के रहने वाले थे?
सचिन कुमार अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया ब्लॉक के टटलगांव (रामपुर) के निवासी थे।
Q. सचिन कुमार की मौत कहां हुई?
दिल्ली के वसंत विहार इलाके में बाइक दुर्घटना के बाद उनकी मौत हुई।
Q. हादसा कब हुआ?
यह दुर्घटना शनिवार को हुई थी।
Q. सचिन दिल्ली में क्या करते थे?
वह दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे।
Q. सचिन के परिवार में कौन-कौन हैं?
वह 4 बहनों और 2 भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी मां का नाम प्रभा देवी था।
Q. सचिन के पिता का क्या हुआ था?
उनके पिता अनिल कुमार का करीब 7 वर्ष पहले निधन हो गया था।
Q. सचिन दिल्ली क्यों गए थे?
वह रोजगार के लिए दिल्ली गए थे और परिवार की आर्थिक मदद करना चाहते थे।







