अल्मोड़ा के चौखुटिया क्षेत्र में बाखली-खीड़ा और ताल रोड की खराब हालत को लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को धरना दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व सैनिक भुवन सिंह कठायत ने किया। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के खिलाफ नारे लगाए और दोनों सड़कों की मरम्मत की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़कों की स्थिति खराब है। कई जगह बड़े गड्ढे बने हैं। बारिश के बाद उनमें पानी भर जाता है, जिससे रास्ते से गुजरना मुश्किल हो रहा है। वाहन चालकों को भी खराब सड़क के कारण हादसे का खतरा बना रहता है।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर की वार्ता
प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और तहसीलदार मोहित देवपा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की और दोनों सड़कों की स्थिति देखी।
ग्रामीणों ने तत्काल गड्ढे भरने के साथ सड़कों पर डामरीकरण कराने की मांग रखी। अधिकारियों ने जल्द गड्ढे भरने का भरोसा दिया। उन्होंने 15 अक्तूबर से बाखली-खीड़ा और ताल रोड पर डामरीकरण शुरू कराने का आश्वासन भी दिया।
समय पर काम नहीं हुआ तो फिर आंदोलन
अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि तय समय पर सड़क का काम शुरू नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे।
निष्कर्ष
चौखुटिया की दोनों सड़कों पर गड्ढों और बारिश के पानी से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित है। अब सड़क सुधार का अगला कदम 15 अक्तूबर से प्रस्तावित डामरीकरण और उससे पहले गड्ढों की भराई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. बाखली-खीड़ा और ताल रोड की समस्या क्या है?
दोनों सड़कों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। बारिश के बाद इनमें पानी भरने से आवाजाही मुश्किल हो जाती है।
Q. ग्रामीणों ने प्रदर्शन क्यों किया?
ग्रामीण लंबे समय से खराब सड़कों की मरम्मत नहीं होने से नाराज थे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से तत्काल सुधार की मांग की।
Q. प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
धरने का नेतृत्व पूर्व सैनिक भुवन सिंह कठायत ने किया।
Q. मौके पर कौन-कौन अधिकारी पहुंचे?
लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और तहसीलदार मोहित देवपा ग्रामीणों से बातचीत करने पहुंचे।
Q. अधिकारियों ने क्या आश्वासन दिया?
अधिकारियों ने जल्द गड्ढे भरने और 15 अक्तूबर से दोनों सड़कों पर डामरीकरण शुरू कराने की बात कही।
Q. धरना कब समाप्त हुआ?
अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया।
Q. ग्रामीणों ने आगे क्या चेतावनी दी?
ग्रामीणों ने कहा कि तय समय पर काम शुरू नहीं हुआ तो वे फिर आंदोलन करेंगे।










