रामनगर। कॉर्बेट नेशनल पार्क से 5 बाघों को राजाजी नेशनल पार्क ले जाने का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने कॉर्बेट प्रशासन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
अब वन विभाग बाघों की पहचान और सुरक्षित स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके लिए वन्यजीव डॉक्टरों की टीम जंगल में जाकर चुने गए बाघों को चिह्नित करेगी।
ऐसे होगी शिफ्टिंग
चिह्नित बाघों को विशेषज्ञों की निगरानी में ट्रैंकुलाइज किया जाएगा। इसके बाद उन्हें विशेष वाहनों के जरिए कॉर्बेट से राजाजी नेशनल पार्क पहुंचाया जाएगा। स्रोत जानकारी के अनुसार यह प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
कॉर्बेट नेशनल पार्क में अभी 260 से अधिक बाघ मौजूद हैं। वहीं, राजाजी नेशनल पार्क के कुछ हिस्सों में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
इस स्थानांतरण का उद्देश्य राजाजी के उन क्षेत्रों में बाघों का कुनबा बढ़ाना है, जहां इसके लिए काम चल रहा है। बाघों की पहचान, बेहोशी और परिवहन का काम वन्यजीव डॉक्टरों की टीम की निगरानी में होगा।
निष्कर्ष
NTCA की मंजूरी के बाद कॉर्बेट से 5 बाघों को राजाजी नेशनल पार्क भेजने की तैयारी आगे बढ़ेगी। अगला चरण बाघों की पहचान और सुरक्षित स्थानांतरण का होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. कॉर्बेट से कितने बाघ राजाजी भेजे जाएंगे?
कॉर्बेट नेशनल पार्क से 5 बाघ राजाजी नेशनल पार्क भेजे जाएंगे।
Q. इस स्थानांतरण को किसने मंजूरी दी है?
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने कॉर्बेट प्रशासन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
Q. बाघों को राजाजी तक कैसे पहुंचाया जाएगा?
पहले वन्यजीव डॉक्टरों की टीम बाघों को चिह्नित और ट्रैंकुलाइज करेगी। फिर विशेष वाहनों से उन्हें राजाजी ले जाया जाएगा।
Q. कॉर्बेट में अभी कितने बाघ हैं?
कॉर्बेट नेशनल पार्क में वर्तमान में 260 से अधिक बाघ मौजूद हैं।
Q. राजाजी में बाघ भेजने की जरूरत क्यों है?
राजाजी नेशनल पार्क के कुछ क्षेत्रों में बाघों की संख्या बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।







