रुद्रप्रयाग जिले की केदार घाटी में लगातार हो रही भारी बारिश से हालात मुश्किल हो गए हैं। पिछले 36 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश के कारण तापमान गिरा है और इलाके में ठंड बढ़ गई है।
बारिश का असर केदारनाथ यात्रा के पड़ावों पर भी नजर आ रहा है। यहां यात्रियों की आवाजाही कम होने से सन्नाटा दिख रहा है। लगातार खराब मौसम ने ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।
किसानों को खेतों में तैयार फसलों के नुकसान का डर है। किसान बलवीर राणा ने कहा कि अगर मौसम इसी तरह बना रहा, तो कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
बनातोली में बढ़ा नदी का जलस्तर
द्वितीय केदार मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर बनातोली में मोरखमा नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है। नदी के उफान पर आने से वहां बना अस्थायी लकड़ी का पुल जोखिम में आ गया है।
बनातोली मदमहेश्वर यात्रा का अहम पड़ाव है। ग्राम प्रधान अनूप पंवार के मुताबिक, पुल पर बढ़ते खतरे से यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता पैदा हुई है।
पुल प्रभावित होने पर इस यात्रा पड़ाव की आवाजाही पर असर पड़ सकता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पुल के क्षतिग्रस्त होने या यात्रा रोकने की पुष्टि नहीं है।
केदार घाटी में जनजीवन प्रभावित
लगातार बारिश और बढ़ती ठंड ने केदार घाटी के सामान्य जीवन को प्रभावित किया है। यात्रा पड़ावों पर कम गतिविधि और खेतों में खड़ी फसलों को लेकर ग्रामीणों की चिंता इसका असर दिखा रही है।
निष्कर्ष
रुद्रप्रयाग की केदार घाटी में भारी बारिश के बीच मोरखमा नदी का बढ़ता जलस्तर बनातोली के अस्थायी पुल के लिए चिंता का कारण बना है। इसका असर मदमहेश्वर यात्रा की व्यवस्था और ग्रामीण जीवन पर पड़ रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. रुद्रप्रयाग में बारिश कितने समय से हो रही है?
रुद्रप्रयाग जिले में 36 घंटे से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है।
Q. मोरखमा नदी का जलस्तर कहां बढ़ा है?
मोरखमा नदी का जलस्तर द्वितीय केदार मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर बनातोली में तेजी से बढ़ा है।
Q. बनातोली में किस चीज पर खतरा है?
बनातोली में बना अस्थायी लकड़ी का पुल खतरे में आ गया है।
Q. बारिश का यात्राओं पर क्या असर पड़ा है?
केदारनाथ यात्रा के पड़ावों पर सन्नाटा दिख रहा है। मदमहेश्वर यात्रा की व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
Q. किसानों को किस बात की चिंता है?
किसानों को खेतों में तैयार फसलों के खराब होने का डर है। बलवीर राणा ने मौसम जारी रहने पर कृषि उत्पादन में नुकसान की आशंका जताई है।












