हरिद्वार के मोतीचूर रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान 22 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। ट्रेन की चपेट में आने से उसके दोनों पैर शरीर से अलग हो गए। यह हादसा सप्तऋषि क्षेत्र में हुआ।

घायल युवक बिहार के दरभंगा का निवासी है। वह बाड़मेर से ऋषिकेश जा रही बाड़मेर एक्सप्रेस में चढ़ने का प्रयास कर रहा था। ट्रेन स्टेशन पर रुकने के बाद रवाना हो चुकी थी, इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया।

स्टेशन पर ऐसे हुआ हादसा

हादसे में युवक के दोनों पैर कट गए। घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद रेलवे सुरक्षा बल के जवानों और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। इसके साथ ही 108 एंबुलेंस भी बुलाई गई।

अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद रेफर

एंबुलेंस से घायल युवक को हरिद्वार के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने वहां उसका प्राथमिक उपचार किया। गंभीर हालत को देखते हुए उसे तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

रेलवे स्टेशन (Railway Station) पर चलती ट्रेन में चढ़ना इस हादसे का तत्काल घटनाक्रम रहा। युवक के इलाज के लिए आगे की चिकित्सा व्यवस्था हायर सेंटर में की जानी है।

मदद के लिए तुरंत पहुंची टीम

हादसे की सूचना मिलने के बाद आरपीएफ जवानों, स्थानीय पुलिस और 108 एंबुलेंस ने कार्रवाई की। एंबुलेंस के जरिए घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति का आकलन किया।

इस घटना में युवक की पहचान और बिहार के दरभंगा से उसके संबंध की जानकारी दर्ज है। इसके अलावा, उसके आगे के इलाज की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

निष्कर्ष

मोतीचूर स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान युवक गंभीर रूप से घायल हुआ। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा गया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मोतीचूर रेलवे स्टेशन पर क्या हादसा हुआ?

चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान 22 वर्षीय युवक ट्रेन की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हुआ।

Q. हादसा किस ट्रेन के साथ हुआ?

हादसा बाड़मेर से ऋषिकेश जा रही बाड़मेर एक्सप्रेस के रवाना होने के दौरान हुआ।

Q. युवक को कहां ले जाया गया?

उसे 108 एंबुलेंस से हरिद्वार के सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

Q. अस्पताल में युवक के साथ क्या किया गया?

डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया।

Q. हादसे के बाद किन टीमों को सूचना दी गई?

आरपीएफ जवानों, स्थानीय पुलिस और 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई।