भारतीय सेना की 11 गढ़वाल राइफल्स के नायक सूबेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। वह चमोली जिले के ग्राम हरमल के निवासी थे।
यह जानकारी चमोली पुलिस की ओर से साझा की गई है। पुलिस ने नायक सूबेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया की शहादत को नमन करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
चमोली से जुड़ा गौरवपूर्ण बलिदान
विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया भारतीय सेना की 11 गढ़वाल राइफल्स में नायक सूबेदार के पद पर तैनात थे। उरी सेक्टर में देश की रक्षा करते हुए उनका बलिदान चमोली जिले के लिए गहरी पीड़ा और गौरव का विषय है।
उरी सेक्टर जम्मू-कश्मीर में स्थित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसी क्षेत्र में सेवा के दौरान नायक सूबेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी सैन्य यूनिट और पैतृक गांव की पहचान चमोली पुलिस के संदेश में स्पष्ट की गई है।
चमोली पुलिस ने अपने संदेश में उनकी शहादत को नमन किया और भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उपलब्ध सूचना में उनके वीरगति को प्राप्त होने की घटना के कारण, समय या आगे की आधिकारिक कार्रवाई का विवरण नहीं दिया गया है।
निष्कर्ष
नायक सूबेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया ने 11 गढ़वाल राइफल्स में सेवा करते हुए उरी सेक्टर में देश की रक्षा के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। चमोली पुलिस ने उनकी शहादत पर श्रद्धांजलि अर्पित की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. नायक सूबेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया किस जिले के निवासी थे?
वह चमोली जिले के ग्राम हरमल के निवासी थे।
Q. वह भारतीय सेना की किस यूनिट में सेवा दे रहे थे?
वह भारतीय सेना की 11 गढ़वाल राइफल्स में सेवा दे रहे थे।
Q. वह कहां वीरगति को प्राप्त हुए?
वह जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में वीरगति को प्राप्त हुए।
Q. उनकी शहादत पर किसने श्रद्धांजलि दी?
चमोली पुलिस ने उनकी शहादत को नमन करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
Q. उनका सैन्य पद क्या था?
वह नायक सूबेदार के पद पर तैनात थे।










