उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में मौसम खराब होने की चेतावनी के बाद केदारनाथ धाम जा रहे हवाई मार्ग पर 2 हेलिकॉप्टरों ने इमरजेंसी लैंडिंग की। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि दोनों हेलिकॉप्टरों में पायलट समेत 7-7 लोग सवार थे। सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।

डीएम के मुताबिक, केदार घाटी में मौसम में बदलाव और खराब परिस्थितियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों हेलिकॉप्टरों की आपात लैंडिंग कराई गई। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए के नियमों के अनुसार अपनाई गई।

यात्रियों की सुरक्षा पर जोर

विशाल मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने यात्रियों की सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताया है। हेलिकॉप्टर संचालकों को मौसम की स्थिति को लेकर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश बार-बार दिए गए हैं।

यह घटनाक्रम केदारनाथ धाम के हवाई मार्ग पर मौसम की स्थिति को लेकर बरती जा रही सावधानी को सामने लाता है। प्रशासन के अनुसार, आपात लैंडिंग के बाद दोनों हेलिकॉप्टरों में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे।

निष्कर्ष

केदार घाटी में मौसम खराब होने की चेतावनी के बाद 2 हेलिकॉप्टरों ने इमरजेंसी लैंडिंग की। दोनों में पायलट समेत 14 लोग सवार थे और सभी सुरक्षित हैं। प्रशासन ने कहा कि कार्रवाई डीजीसीए नियमों के तहत हुई तथा हेलिकॉप्टर संचालकों को मौसम को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. रुद्रप्रयाग में कितने हेलिकॉप्टरों ने इमरजेंसी लैंडिंग की?

2 हेलिकॉप्टरों ने इमरजेंसी लैंडिंग की।

Q. दोनों हेलिकॉप्टरों में कितने लोग सवार थे?

हर हेलिकॉप्टर में पायलट समेत 7 लोग सवार थे।

Q. क्या हेलिकॉप्टरों में सवार लोग सुरक्षित हैं?

हां, सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी अप्रिय घटना की जानकारी नहीं है।

Q. इमरजेंसी लैंडिंग की वजह क्या बताई गई?

केदार घाटी और केदारनाथ धाम के हवाई मार्ग पर मौसम खराब होने की चेतावनी दी गई थी।

Q. क्या प्रक्रिया नियमों के अनुसार अपनाई गई?

रुद्रप्रयाग डीएम के अनुसार, पूरी प्रक्रिया डीजीसीए के नियमों के अनुसार अपनाई गई।