कोटद्वार में उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी टैबलेट देने की मांग की है। संघ ने सरकार से नॉलेज बैंक योजना के तहत जारी शासनादेश में संशोधन करने को कहा है।
संघ के पदाधिकारियों की ऑनलाइन बैठक में कहा गया कि 18 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणा के बाद जारी शासनादेश में केवल राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से टैबलेट की धनराशि देने का प्रावधान है। संघ ने कहा कि इससे अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के छात्र-छात्राएं योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे।
शिक्षक संघ ने क्या कहा
बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि अशासकीय विद्यालयों में बड़ी संख्या में गरीब, मध्यमवर्गीय और प्रतिभावान विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक, इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम के तहत चयनित 140 मेधावी विद्यार्थियों में जगह बनाई है।
संघ ने यह भी कहा कि बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में अशासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसी आधार पर संगठन ने योजना का लाभ विद्यालय के प्रकार के बजाय विद्यार्थियों की जरूरत और योग्यता के आधार पर देने की मांग रखी है।
बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार मिश्रा, महामंत्री डॉ. महावीर सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष जितेंद्र पुंडीर, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय रावत, अजय बिष्ट और डाॅ. अनिल शर्मा शामिल रहे।
निष्कर्ष
उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने शासनादेश में बदलाव कर अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को भी टैबलेट योजना में शामिल करने की मांग की है। अभी संघ की मांग पर शासनादेश में संशोधन की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. शिक्षक संघ ने किस मांग को लेकर विरोध जताया है?
संघ ने अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी टैबलेट देने की मांग की है।
Q. मौजूदा शासनादेश में किन विद्यार्थियों को टैबलेट की धनराशि देने का प्रावधान है?
शासनादेश में राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से टैबलेट की धनराशि देने का प्रावधान है।
Q. यह मांग किस योजना के तहत की गई है?
यह मांग नॉलेज बैंक योजना के तहत की गई है।
Q. संघ के अनुसार अशासकीय विद्यालयों में किस तरह के विद्यार्थी पढ़ते हैं?
संघ के अनुसार इन विद्यालयों में गरीब, मध्यमवर्गीय और प्रतिभावान विद्यार्थी पढ़ते हैं।
Q. मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम के तहत कितने मेधावी विद्यार्थी चयनित हुए?
इस कार्यक्रम के तहत 140 मेधावी विद्यार्थियों का चयन हुआ है।








