उत्तराखंड के पौड़ी जिले में छात्र संख्या लगातार घटने का असर सरकारी स्कूलों पर पड़ा है। नए शैक्षणिक सत्र में किसी भी छात्र का प्रवेश नहीं होने के कारण जिले के 40 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय बंद हो गए हैं। इनमें 32 प्राथमिक और 8 उच्च प्राथमिक स्कूल शामिल हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार पौड़ी जिले में 1,297 प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 32 स्कूल ऐसे हैं, जहां नए सत्र में छात्र संख्या 0 रही। जिले के 231 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी 8 स्कूलों में किसी छात्र का प्रवेश नहीं हुआ। विभाग 0 छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद करने की प्रक्रिया इसी आधार पर कर रहा है।
बीरोंखाल में सबसे ज्यादा प्राथमिक स्कूल बंद
प्राथमिक विद्यालयों में सबसे ज्यादा 5 स्कूल बीरोंखाल विकासखंड में बंद हुए। पौड़ी और यमकेश्वर में 4-4 स्कूल बंद हुए। एकेश्वर, द्वारीखाल, कोट, कल्जीखाल, थलीसैंण, पाबौ, पोखड़ा और दुगड्डा में 2-2 प्राथमिक स्कूल बंद हुए। खिर्सू, जयहरीखाल और नैनीडांडा में एक-एक प्राथमिक विद्यालय बंद हुआ।
उच्च प्राथमिक स्तर पर एकेश्वर, यमकेश्वर, कल्जीखाल, रिखणीखाल, थलीसैंण, पाबौ, पौड़ी और जयहरीखाल विकासखंडों में एक-एक स्कूल बंद हुआ।
बंद हुए विद्यालयों में एकेश्वर के डियूल्ड, पुसोली और चौड़खाल, यमकेश्वर के पलेलगांव, पैंया, उमड़ा, नांद और चोपड़ा कस्याली शामिल हैं। द्वारीखाल के घंडालू और खेड़ा तथा बीरोंखाल के तनकिला, गाडखर्क, रतकोट, सुंदरखाल और चौंडी स्कूल भी इस सूची में हैं।
कोट में सैंज और कंडोला, कल्जीखाल में बूंगा-2, बलोद और पलाई, खिर्सू में मुसोली तथा थलीसैंण में खरकासारी, कुवाखर्क और कांडई विद्यालय बंद हुए हैं। रिखणीखाल में मेलधार, पाबौ में कोटा, कलुण और कुई, जबकि पोखड़ा में चमनाऊ और पोखड़ा स्कूल शामिल हैं।
पौड़ी विकासखंड में गजेंद्रपुर, चांदखेत, डोबल्या, थपलियालगांव और कड़ाकोट विद्यालय बंद हुए। दुगड्डा में गढ़सिर और केष्टा, जयहरीखाल में मोली और रैतपुर तथा नैनीडांडा में झुडंगू स्कूल भी बंद हो गया है।
पलायन से घट रही छात्र संख्या
जिला शिक्षा अधिकारी (प्रां.शि) पौड़ी अंशुल बिष्ट के अनुसार जिले के कई गांवों में पलायन के कारण स्कूलों में बच्चे नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि छात्र संख्या में सुधार के लिए गुणवत्ता पूरक शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके तहत बीआरसी और सीआरसी को निर्देश दिए गए हैं।
अंशुल बिष्ट ने कहा कि कुछ नए बीईओ मिलने से स्कूलों में सुधारात्मक काम अब आसानी से किए जा सकेंगे। विभाग को उम्मीद है कि इन प्रयासों से स्कूलों में छात्र संख्या का ग्राफ भी सुधरेगा।
निष्कर्ष
पौड़ी में नए सत्र में छात्र संख्या 0 रहने के कारण 40 सरकारी स्कूल बंद हुए हैं। शिक्षा विभाग ने पलायन से जुड़ी इस चुनौती के बीच गुणवत्ता पूरक शिक्षा कार्यक्रम और सुधारात्मक कामों के जरिए छात्र संख्या बढ़ाने की योजना बताई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. पौड़ी जिले में कितने सरकारी स्कूल बंद हुए हैं?
पौड़ी जिले में छात्र संख्या 0 होने के कारण 40 सरकारी स्कूल बंद हुए हैं।
Q. बंद हुए स्कूलों में प्राथमिक विद्यालय कितने हैं?
बंद हुए स्कूलों में 32 प्राथमिक विद्यालय हैं।
Q. कितने उच्च प्राथमिक विद्यालय बंद हुए हैं?
जिले में 8 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या 0 रहने के कारण वे बंद हुए हैं।
Q. किस विकासखंड में सबसे ज्यादा प्राथमिक स्कूल बंद हुए?
प्राथमिक स्तर पर बीरोंखाल विकासखंड में सबसे ज्यादा 5 स्कूल बंद हुए हैं।
Q. स्कूलों में छात्र संख्या क्यों घट रही है?
जिला शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट के अनुसार जिले के कई गांवों में पलायन के कारण बच्चों की संख्या घट रही है।
Q. शिक्षा विभाग ने आगे के लिए क्या कदम बताया है?
विभाग गुणवत्ता पूरक शिक्षा कार्यक्रम शुरू कर रहा है और बीआरसी तथा सीआरसी को निर्देश दिए गए हैं।










