उत्तराखंड परिवहन निगम ने 10 अक्टूबर से शुरू होने वाली व्यस्त अवधि को देखते हुए अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल रोक लगा दी है। यह फैसला त्योहारों, शादियों और पीक सीजन में बस सेवाओं को सुचारु रखने के लिए लिया गया है।

इस अवधि में निगम के सभी कार्मिकों को अपने निर्धारित तैनाती स्थल पर मौजूद रहना होगा। निगम के मुताबिक, व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों की सुविधा बनाए रखना और इस व्यस्त समय में आय बढ़ाना है।

मुख्यालय की अनुमति के बिना छुट्टी नहीं

महाप्रबंधक (संचालन) कान्ति सिंह की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि किसी अधिकारी, उपाधिकारी या कर्मचारी का अवकाश मुख्यालय की अनुमति के बिना स्वीकृत नहीं किया जाएगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

यह निर्देश देहरादून, नैनीताल (काठगोदाम) और टनकपुर मंडल के साथ देहरादून आईएसबीटी के अधिकारियों को भेजे गए हैं। दिल्ली के कश्मीरी गेट और आनंद विहार डिपो भी आदेश के दायरे में हैं।

आदेश का असर

निगम की ओर से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यस्त सीजन के दौरान अपने कार्यस्थल पर उपलब्ध रहने को कहा गया है। इस दौरान छुट्टी से जुड़े किसी भी अनुरोध पर मुख्यालय की अनुमति जरूरी होगी।

निष्कर्ष

उत्तराखंड रोडवेज ने 10 अक्टूबर से शुरू हो रही भीड़भाड़ वाली अवधि से पहले छुट्टियों पर रोक लगाई है। निगम का लक्ष्य बस संचालन और यात्रियों की सुविधा को बनाए रखना है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. उत्तराखंड परिवहन निगम ने छुट्टियों पर रोक क्यों लगाई है?

त्योहारी सीजन, शादियों और पीक सीजन में बस संचालन व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।

Q. छुट्टियों पर रोक कब से लागू है?

अवकाश पर रोक तत्काल प्रभाव से लागू की गई है। 10 अक्टूबर से व्यस्त अवधि शुरू होने की बात कही गई है।

Q. क्या मुख्यालय की अनुमति के बिना छुट्टी मिल सकती है?

नहीं। मुख्यालय की अनुमति के बिना किसी अधिकारी, उपाधिकारी या कर्मचारी का अवकाश स्वीकृत नहीं होगा।

Q. कर्मचारियों को इस दौरान कहां रहना होगा?

सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने तैनाती स्थल पर मौजूद रहना होगा।

Q. किन डिपो और मंडलों को निर्देश भेजे गए हैं?

निर्देश देहरादून, नैनीताल (काठगोदाम) और टनकपुर मंडल के अलावा देहरादून आईएसबीटी, कश्मीरी गेट और आनंद विहार डिपो को भेजे गए हैं।