देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन्यजीव हमलों में घायल नागरिकों के इलाज का खर्च अब राज्य सरकार उठाएगी। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित लोगों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाए जाने की जानकारी भी दी।

धामी के मुताबिक, यह राशि पहले ₹4 lakh थी। बाद में इसे ₹6 lakh किया गया और अब बढ़ाकर ₹10 lakh कर दिया गया है। यह सहायता वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं से प्रभावित नागरिकों के लिए तय की गई है।

पर्यावरण और विकास में संतुलन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाना जरूरी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को रोजमर्रा की आदतों का हिस्सा बनाने की जरूरत बताई।

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘Mission LiFE’ पर्यावरण बचाने की दिशा में प्रेरणा देता है। राज्य में अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और तकनीक के बीच संतुलन बनाने पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारिस्थितिकी और आर्थिक विकास, दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ना है। उनके अनुसार, वन्यजीव संरक्षण के साथ उन नागरिकों की मदद करना भी सरकार की जिम्मेदारी है, जो वन्यजीवों के संपर्क या हमले से प्रभावित होते हैं।

इलाज का खर्च कौन उठाएगा?

मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार, वन्यजीव हमले में घायल नागरिकों के चिकित्सा खर्च की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी। उपलब्ध जानकारी में इस व्यवस्था की शुरुआत की तारीख या आवेदन प्रक्रिया नहीं बताई गई है।

निष्कर्ष

उत्तराखंड सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष में अनुग्रह राशि ₹10 lakh तक करने और हमले में घायल नागरिकों का इलाज खर्च उठाने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने इसे वन्यजीव संरक्षण और नागरिकों की मदद, दोनों से जुड़ा कदम बताया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. वन्यजीव हमले में अब कितनी अनुग्रह राशि मिलेगी?

मुख्यमंत्री के अनुसार, अनुग्रह राशि बढ़ाकर ₹10 lakh कर दी गई है।

Q. यह राशि पहले कितनी थी?

यह राशि पहले ₹4 lakh थी। इसके बाद इसे ₹6 lakh किया गया और फिर ₹10 lakh किया गया।

Q. वन्यजीव हमले में घायल लोगों के इलाज का खर्च कौन देगा?

मुख्यमंत्री के अनुसार, घायल नागरिकों का चिकित्सा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

Q. यह सहायता किन लोगों के लिए है?

यह सहायता मानव-वन्यजीव संघर्ष या वन्यजीव हमलों से प्रभावित नागरिकों के लिए है।

Q. मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर क्या कहा?

उन्होंने प्राकृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाने और पर्यावरण संरक्षण को रोजमर्रा की आदतों में शामिल करने की बात कही।

Q. Mission LiFE का उल्लेख किस संदर्भ में हुआ?

धामी ने कहा कि Mission LiFE पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करता है।

Q. सरकार विकास को लेकर किस संतुलन पर काम कर रही है?

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और तकनीक के बीच संतुलन बनाने पर काम कर रहा है।