उत्तराखंड में निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया के तहत 24 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की ग्राउंडिंग की तैयारी चल रही है। उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने बताया कि इसके लिए जल्द ही निवेश ग्राउंडिंग समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह की तारीख अभी नहीं बताई गई है।

उद्योग सचिव के अनुसार, वर्ष 2023 में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हुआ था। इनमें से अब तक 1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। अगला चरण 24 हजार करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ा है।

निवेश के आंकड़ों पर सरकार का पक्ष

विनय शंकर पांडे ने कहा कि सोशल मीडिया पर निवेशक सम्मेलन को लेकर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उनके मुताबिक, राज्य में निवेश से जुड़े सभी आंकड़े सार्वजनिक हैं और हर परियोजना का विवरण संबंधित सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि सरकार निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए लगातार काम कर रही है। निवेशकों की मदद के लिए सरकार ने निवेश मित्र नियुक्त किए हैं। इनका उद्देश्य निवेश प्रक्रिया में सहायता उपलब्ध कराना है।

छोटे कारोबार को भी निवेश की श्रेणी में शामिल करने पर जवाब

उद्योग सचिव ने छोटे कारोबारों को निवेश की श्रेणी में शामिल किए जाने पर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आटा चक्की, मोबाइल दुकान या अन्य छोटे व्यवसाय को निवेश की श्रेणी में शामिल करने पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई स्थानीय व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई से 10 हजार रुपये लगाकर छोटा कारोबार शुरू करता है और उससे 2 लोगों को रोजगार मिलता है, तो इसे निवेश माना जाना चाहिए। इस बयान में स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने वाले छोटे कारोबारों को भी निवेश प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।

राज्य की भौगोलिक स्थिति और औद्योगिक नीति

सचिव ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां दूसरे राज्यों से अलग हैं। राज्य का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र वन से आच्छादित है। इसी वजह से बड़े उद्योगों की स्थापना मुख्य रूप से देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के कुछ हिस्सों में अधिक है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप राज्य की औद्योगिक नीतियां तैयार की गई हैं। इन नीतियों का उद्देश्य पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखते हुए अधिक से अधिक रोजगार पैदा करना है।

निष्कर्ष

उत्तराखंड सरकार के अनुसार, वैश्विक निवेशक सम्मेलन से जुड़े 1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। अब 24 हजार करोड़ रुपये के अगले निवेश चरण के लिए समारोह की तैयारी है। सरकार ने आंकड़ों को सार्वजनिक बताया है और निवेशकों की मदद के लिए निवेश मित्र नियुक्त किए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. उत्तराखंड में कितने अतिरिक्त निवेश की ग्राउंडिंग की तैयारी है?

24 हजार करोड़ रुपये के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी चल रही है।

Q. निवेश ग्राउंडिंग समारोह कब होगा?

उद्योग सचिव ने कहा है कि समारोह जल्द आयोजित किया जाएगा। इसकी तारीख नहीं बताई गई है।

Q. अब तक कितने निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है?

उद्योग सचिव के अनुसार, 1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है।

Q. वर्ष 2023 के वैश्विक निवेशक सम्मेलन में कितने निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हुआ था?

सम्मेलन में 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हुआ था।

Q. निवेश से जुड़े आंकड़े कहां उपलब्ध हैं?

सरकार के अनुसार, प्रत्येक परियोजना का विवरण संबंधित सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध है।

Q. निवेशकों की मदद के लिए सरकार ने क्या व्यवस्था की है?

सरकार ने निवेशकों की सहायता के लिए निवेश मित्र नियुक्त किए हैं।