कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े उत्पीड़न मामले में आरोपी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी की तलाश जारी है। अदालत से अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद उसके फरार होने की बात सामने आई है। मामले की जांच देहरादून के कैंट थाने में दर्ज केस के आधार पर विशेष जांच दल यानी एसआईटी कर रहा है।

जांच के दायरे में गिरधारी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड, कंपनी में उसकी हिस्सेदारी और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। जानकारी के अनुसार एसआईटी बरेली से कुछ अहम कागजात लेकर आई है। टीम इन दस्तावेजों का मौजूदा मामले से संबंध जांच रही है।

बरेली में दर्ज मुकदमों की पड़ताल

उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार गिरधारी के खिलाफ करीब 39 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 30 से ज्यादा मामले बरेली के बारादरी थाने से जुड़े बताए गए हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक, बारादरी थाने में उसके खिलाफ करीब 34 मुकदमे दर्ज हैं।

इसके अलावा इज्जतनगर और प्रेमनगर थानों में भी उसके खिलाफ अलग-अलग वर्षों में मामले दर्ज बताए गए हैं। इन मामलों में मारपीट, धमकी, जबरन घर या संपत्ति में घुसने, धोखाधड़ी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं। कुछ मामलों में गंभीर आपराधिक धाराएं लगाए जाने का भी उल्लेख है।

गंभीर धाराओं और अधिनियमों का उल्लेख

गिरधारी के आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़े विवरणों में हत्या और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं का भी जिक्र है। वर्ष 1990 के एक मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 307 समेत अन्य धाराएं दर्ज होने की बात कही गई है।

वर्ष 1991 और 1993 के कुछ मामलों में हत्या के प्रयास, मारपीट और धमकी से जुड़ी धाराओं का उल्लेख है। वर्ष 1995 के एक मामले में हत्या के प्रयास के साथ हत्या, धोखाधड़ी, चोरी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं दर्ज होने की जानकारी दी गई है। ये सभी विवरण दर्ज मामलों और आरोपों से जुड़े हैं; इन्हें अदालत का अंतिम दोषसिद्धि फैसला नहीं माना जा सकता।

रिकॉर्ड में गैंगस्टर एक्ट और उत्तर प्रदेश गुंडा अधिनियम के तहत कार्रवाई का भी उल्लेख है। वर्ष 1986 में बारादरी थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज होने की बात कही गई है। वर्ष 1993 और 1996 के आसपास गुंडा अधिनियम से जुड़ी कार्रवाई का उल्लेख है। वर्ष 2007 में प्रेमनगर थाने के एक मामले में गुंडा अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट तथा वर्ष 2019 के एक मामले में गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई बताए गई है।

अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद फरारी

गिरधारी लाल साहू ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। अदालत ने याचिका खारिज कर दी और उसे तत्काल राहत नहीं मिली। इसके बाद से उसके फरार होने की जानकारी सामने आई है।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में उसके बिहार के रास्ते नेपाल भागने का दावा किया गया है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उसकी लोकेशन और गिरफ्तारी को लेकर जांच एजेंसी की कार्रवाई जारी है।

निष्कर्ष

रेखा आर्य से जुड़े मामले में एसआईटी आरोपी गिरधारी लाल साहू के पुराने मुकदमों, कंपनी हिस्सेदारी और प्रॉपर्टी दस्तावेजों की जांच कर रही है। अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद वह फरार बताया जा रहा है, जबकि नेपाल जाने की चर्चा की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. रेखा आर्य से जुड़े मामले में आरोपी कौन है?

गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी इस मामले में आरोपी बताया गया है।

Q. मामले की जांच कौन कर रहा है?

मामले की जांच विशेष जांच दल यानी एसआईटी कर रहा है। केस देहरादून के कैंट थाने में दर्ज है।

Q. गिरधारी लाल के खिलाफ कितने मुकदमे दर्ज बताए गए हैं?

उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ करीब 39 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।

Q. सबसे ज्यादा मामले किस थाने में दर्ज हैं?

उसके आपराधिक रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा मामले बरेली के बारादरी थाने से जुड़े बताए गए हैं।

Q. क्या उसकी अग्रिम जमानत मंजूर हुई?

नहीं। अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

Q. क्या उसके नेपाल भागने की पुष्टि हुई है?

नहीं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में ऐसा दावा किया गया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।