उत्तराखंड के नैनीताल और देहरादून जिलों में शराब दुकानों के खिलाफ प्रशासन ने सघन जांच अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानों पर MRP से ज्यादा कीमत वसूलने, रेट लिस्ट नहीं लगाने और स्टॉक से जुड़े रिकॉर्ड में कमी मिलने की जानकारी सामने आई। यह अभियान पर्यटकों और स्थानीय लोगों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शुरू किया गया।
देहरादून के ISBT क्षेत्र में जांच के दौरान एक दुकान पर ओवररेटिंग मिली। वहां रखी 42 शराब की बोतलों के बैच नंबर उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए। इसी जांच में कुछ लोग बिना अधिकृत अनुमति के शराब बेचते मिले। माजरा और पटेलनगर इलाके में भी दुकानों की जांच की गई।
भवाली में SDM ने ग्राहक बनकर की खरीदारी
नैनीताल जिले के भवाली में SDM धारी अनुराग आर्या ने अंग्रेजी शराब की दुकान पर ग्राहक बनकर बोतल खरीदी। दुकानदार ने तय कीमत से ₹50 अधिक मांगे। बातचीत के बाद उसने ₹30 कम कर दिए। बाद में दुकानदार को पता चला कि खरीदार SDM हैं, तो उसने बोतल की कीमत सरकारी दर के अनुसार कर दी।
जांच के दौरान दुकान पर रेट लिस्ट भी नहीं मिली। प्रशासन ने तय कीमत से अधिक वसूली और जरूरी जानकारी प्रदर्शित नहीं करने को नियमों की अनदेखी माना।
लालकुआं क्षेत्र में SDM रेखा कोहली के नेतृत्व में दुकानों का निरीक्षण किया गया। टीम ने स्टॉक रजिस्टर और रेट चार्ट का मिलान किया। ओवररेटिंग तथा आबकारी नियमों का पालन नहीं करने वाली दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
देहरादून में कई इलाकों की दुकानों की जांच
देहरादून में सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी और SDM सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में माजरा, पटेलनगर और आसपास के क्षेत्रों में जांच हुई। टीम ने दुकानों में शराब की बिक्री, कीमत और दस्तावेजों से जुड़े रिकॉर्ड देखे।
SDM मुख्यालय रविंद्र ज्वांठा की अगुवाई में प्रेमनगर की दुकान का निरीक्षण किया गया। वहां स्टॉक रजिस्टर अद्यतन नहीं मिला और काउंटर पर गैर-प्रमाणित लोग मौजूद थे।
जॉइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद और हर्षिता सिंह के नेतृत्व में जाखन और राजपुर रोड क्षेत्र में भी छापेमारी हुई। कई दुकानों में स्टॉक रजिस्टर अपडेट नहीं था। कुछ जगह रेट लिस्ट और आबकारी विभाग का शिकायत नंबर भी प्रदर्शित नहीं मिला।
अधिकारियों ने आगे भी जांच जारी रखने को कहा
देहरादून के DM डॉ. आशीष चौहान और नैनीताल के DM ललित मोहन रयाल ने जिलों में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रशासनिक और आबकारी टीमों ने देर रात संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाया।
अधिकारियों के अनुसार ओवररेटिंग, स्टॉक में हेराफेरी, बैच नंबर में अंतर और अनधिकृत सेल्समैन से बिक्री को स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वाली दुकानों के खिलाफ वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार की गई है।
निष्कर्ष
नैनीताल और देहरादून में हुई जांच से शराब दुकानों पर कीमत, स्टॉक और बिक्री व्यवस्था से जुड़ी कमियां सामने आईं। प्रशासन ने कहा है कि औचक निरीक्षण और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. शराब दुकानों पर कार्रवाई क्यों की गई?
पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने तय कीमत से अधिक वसूली और रेट लिस्ट नहीं लगाए जाने की शिकायतें की थीं। इसके बाद प्रशासन ने जांच अभियान चलाया।
Q. भवाली की दुकान पर कितनी अधिक कीमत मांगी गई?
दुकानदार ने MRP से ₹50 ज्यादा मांगे थे। बातचीत के बाद उसने ₹30 कम कर दिए।
Q. भवाली में जांच किस अधिकारी ने की?
SDM धारी अनुराग आर्या ने ग्राहक बनकर दुकान से शराब खरीदी और कीमत की जांच की।
Q. देहरादून के ISBT क्षेत्र में क्या मिला?
वहां ओवररेटिंग मिली और 42 बोतलों के बैच नंबर उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए।
Q. क्या दुकानों पर रेट लिस्ट मिली?
कुछ दुकानों में रेट लिस्ट गायब मिली। जाखन और राजपुर रोड क्षेत्र की कई दुकानों में भी यह प्रदर्शित नहीं थी।
Q. देहरादून में किन इलाकों की जांच हुई?
माजरा, पटेलनगर, ISBT, प्रेमनगर, जाखन और राजपुर रोड क्षेत्र की दुकानों का निरीक्षण किया गया।
Q. प्रशासन ने आगे क्या कहा है?
अधिकारियों ने औचक निरीक्षण जारी रखने और नियम तोड़ने वाली दुकानों पर वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई की बात कही है।








