देहरादून में राज्य मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि ITBP के साथ उत्तराखंड की साझेदारी से पशुपालकों, मछली पालकों और मुर्गी पालकों को अपने उत्पाद बेचने के लिए तैयार बाजार मिला है। मंत्री के मुताबिक, इस साझेदारी के तहत किसानों ने पिछले 2 वर्षों में करीब ₹17.5 करोड़ का कारोबार किया है।
सौरभ बहुगुणा ने ITBP, उसके IG Manu ji और विभागीय अधिकारियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि दूरदराज, दुर्गम और सीमावर्ती इलाकों के लोगों तक राहत पहुंचाना मुख्यमंत्री का विजन था। इस पहल में खास तौर पर पशुपालकों, मछली पालकों और मुर्गी पालकों को शामिल किया गया।
मंत्री के अनुसार, उत्तराखंड ने 2 साल पहले ITBP के साथ यह साझेदारी शुरू की थी और देश में इस पहल को शुरू करने वाला पहला राज्य बना। साझेदारी का उद्देश्य किसानों के उत्पादों के लिए सीधा बाजार उपलब्ध कराना था।
किसानों को मिला तैयार बाजार
इस व्यवस्था के तहत पशु, मछली और पोल्ट्री उत्पादों से जुड़े किसानों को अपना उत्पादन बेचने का अवसर मिला। इसके अलावा बागवानी विभाग के फल, सब्जियां और आंचल का दूध व पनीर भी आपूर्ति में शामिल रहे।
बहुगुणा ने कहा कि उत्पादकों को तैयार बाजार मिलने से उनकी गुणवत्ता में सुधार हुआ और उत्पादन बढ़ा। उनके मुताबिक, पशुपालकों और मछली पालकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। अब उन्हें यह भरोसा है कि सरकारी सब्सिडी से शुरू की गई गतिविधि के उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध हो सकता है।
मंत्री ने कहा कि ITBP के साथ काम करने के बाद इस पहल को अब सेना और SSB तक भी बढ़ाया गया है। इससे योजना का दायरा ITBP से आगे बढ़कर अन्य सुरक्षा बलों तक पहुंचा है।
निष्कर्ष
सौरभ बहुगुणा के अनुसार, ITBP के साथ साझेदारी ने उत्तराखंड के दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों को तैयार बाजार दिया। पिछले 2 वर्षों में ₹17.5 करोड़ के कारोबार का दावा किया गया है और अब पहल सेना व SSB तक बढ़ाई गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. यह बयान किसने दिया?
राज्य मंत्री सौरभ बहुगुणा ने देहरादून में यह जानकारी दी।
Q. उत्तराखंड ने ITBP के साथ साझेदारी कब शुरू की?
सौरभ बहुगुणा के अनुसार, यह साझेदारी 2 साल पहले शुरू की गई थी।
Q. साझेदारी से किसानों को क्या फायदा हुआ?
पशुपालकों, मछली पालकों और मुर्गी पालकों को अपने उत्पादों के लिए तैयार बाजार मिला।
Q. किसानों ने कितने कारोबार की जानकारी दी गई है?
मंत्री के अनुसार, किसानों ने पिछले 2 वर्षों में करीब ₹17.5 करोड़ का कारोबार किया।
Q. किन उत्पादों की आपूर्ति की गई?
आपूर्ति में पशु, मछली और पोल्ट्री उत्पादों के साथ फल, सब्जियां, दूध और पनीर शामिल रहे।
Q. इस पहल का विस्तार किन संस्थाओं तक किया गया है?
मंत्री ने बताया कि अब यह पहल सेना और SSB तक भी बढ़ाई गई है।











