चंपावत में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार अब राज्य के हर कोने तक पहुंचने पर जोर देगी। उन्होंने बताया कि सीमांत क्षेत्र से भी प्रशासनिक कामकाज और फैसलों को आगे बढ़ाया जाएगा।
श्री रामलीला समिति इस धार्मिक आयोजन का संचालन कर रही है। मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भागवत कथा को आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बताया और कहा कि ऐसे आयोजन क्षेत्र के लिए पुण्य और आशीर्वाद का अवसर होते हैं।
सीमांत क्षेत्र से लिए जाएंगे फैसले
मुख्यमंत्री के अनुसार, अगले दिन प्रशासन सीमांत क्षेत्र में पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के फैसले भी इसी सीमांत क्षेत्र से लिए जाएंगे। धामी ने इसे सरकार के लिए नई शुरुआत बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के हर हिस्से में जाएगी, स्थानीय लोगों की बातें सुनेगी और उनके बीच रहकर फैसले करेगी। उनके बयान में सीमांत इलाकों तक प्रशासन की पहुंच बढ़ाने पर जोर रहा।
देश और उत्तराखंड को लेकर प्रार्थना
धामी ने क्षेत्र और उत्तराखंड की समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना की। उन्होंने यह भी कामना की कि भारत हर क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाए और इस यात्रा में उत्तराखंड की अहम भागीदारी हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन आध्यात्मिक माहौल बनाते हैं। चंपावत में हुए इस आयोजन के दौरान उनका मुख्य संदेश प्रशासन को लोगों और दूरस्थ क्षेत्रों के करीब ले जाने से जुड़ा रहा।
निष्कर्ष
चंपावत में मुख्यमंत्री के बयान का केंद्र धार्मिक आयोजन के साथ सीमांत क्षेत्रों तक सरकार की पहुंच बढ़ाना रहा। उन्होंने प्रशासनिक दौरे, सीमांत क्षेत्र से कैबिनेट फैसलों और जनता के बीच जाकर निर्णय लेने की बात कही।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. चंपावत में कौन-सा धार्मिक आयोजन हो रहा है?
श्री रामलीला समिति की ओर से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
Q. कार्यक्रम में कौन पहुंचे?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्यक्रम में पहुंचे और उन्होंने सभा को संबोधित किया।
Q. मुख्यमंत्री ने सीमांत क्षेत्र को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अगले दिन प्रशासन सीमांत क्षेत्र में पहुंचेगा और कैबिनेट के फैसले भी वहां से लिए जाएंगे।
Q. धामी ने सरकार के कामकाज को लेकर क्या बात कही?
उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के हर कोने में जाएगी, लोगों की राय सुनेगी और उनके बीच रहकर फैसले करेगी।
Q. मुख्यमंत्री ने देश और उत्तराखंड के लिए क्या कामना की?
उन्होंने भारत के वैश्विक नेतृत्व की कामना की और उत्तराखंड की इसमें अहम भूमिका की बात कही।









