उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की कनेक्टिविटी, पर्वतीय क्षेत्रों तक रेल पहुंच और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को विकास की प्राथमिकताओं के रूप में सामने रखा गया है। उत्तराखंड सीएमओ से साझा संदेश में इन योजनाओं के साथ स्वास्थ्य, ऊर्जा, रोजगार और सीमांत गांवों से जुड़े कदमों का भी उल्लेख किया गया।
संदेश के अनुसार, लगभग 12,595 करोड़ रुपये की चारधाम महामार्ग विकास परियोजना से चारधाम यात्रा की कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है। इसके अलावा 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को पर्वतीय क्षेत्रों तक रेल पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया है।
सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना के लिए लगभग 4,081 करोड़ रुपये और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना के लिए 2,730 करोड़ रुपये की स्वीकृति का भी संदेश में उल्लेख है। इन परियोजनाओं से भविष्य में श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम होने की बात कही गई है।
धामों के विकास और ऊर्जा परियोजनाओं का उल्लेख
संदेश में केदारनाथ पुनर्निर्माण और बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान के तहत चल रहे कार्यों को प्रधानमंत्री के ‘विकास भी, विरासत भी’ संकल्प से जोड़ा गया है। इसमें विकास और धार्मिक विरासत के बीच संतुलन पर जोर दिया गया है।
जमरानी बांध, लखवाड़ और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया गया है। टिहरी में 1,000 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्लांट को ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है।
ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में विकसित किए जा रहे एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर से निवेश और रोजगार की संभावनाएं बढ़ने की बात कही गई है। वहीं, किच्छा में एम्स ऋषिकेश का सैटेलाइट सेंटर विकसित होने से कुमाऊं और तराई क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने का दावा किया गया है।
आदि कैलाश और शीतकालीन यात्रा पर जोर
मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री की आदि कैलाश यात्रा और शीतकालीन पर्यटन को दिए गए प्रोत्साहन का भी उल्लेख किया। संदेश के अनुसार, प्रधानमंत्री की आदि कैलाश यात्रा के बाद सीमांत क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिली है।
आदि कैलाश और ॐ पर्वत क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से स्थानीय होमस्टे, परिवहन, हस्तशिल्प और स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलने की बात कही गई है। संदेश में सीमांत गांवों को ‘देश के अंतिम गांव’ के बजाय ‘प्रथम गांव’ के रूप में नई पहचान देने का उल्लेख भी है।
वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के 51 सीमांत गांवों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है। इससे सीमांत क्षेत्रों के विकास और वहां की आर्थिक गतिविधियों पर सरकार के जोर का संकेत मिलता है।
शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए 6 मार्च 2025 को प्रधानमंत्री के माँ गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा पहुंचने का उल्लेख किया गया है। संदेश के अनुसार, प्रधानमंत्री ने हर्षिल से देशवासियों से शीतकाल में उत्तराखण्ड आने का आह्वान किया था।
संदेश में कहा गया है कि शीतकालीन यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगभग 80 हजार से बढ़कर डेढ़ लाख तक पहुंच गई है। इसे शीतकालीन पर्यटन को दिए गए प्रोत्साहन का सकारात्मक परिणाम बताया गया है।
महिलाओं और विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य
प्रधानमंत्री की लखपति दीदी की परिकल्पना को प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ा गया है। संदेश में कहा गया है कि इस पहल से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है।
धन्यवाद प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में राष्ट्रसेवा के 25 वर्षों को देश के विकास, जनकल्याण और राष्ट्रीय आत्मविश्वास की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया गया।
मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। संदेश में विकास और विरासत, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण तथा आधुनिकता और संस्कृति के बीच संतुलन स्थापित करने की बात कही गई है।
निष्कर्ष
साझा संदेश में उत्तराखंड के विकास का फोकस चारधाम कनेक्टिविटी, रेल और रोपवे, स्वास्थ्य, ऊर्जा, औद्योगिक निवेश, सीमांत पर्यटन और महिला सशक्तिकरण पर रखा गया है। इसमें वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में विकसित उत्तराखंड के योगदान की प्रतिबद्धता जताई गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. चारधाम महामार्ग विकास परियोजना की लागत कितनी बताई गई है?
लगभग 12,595 करोड़ रुपये।
Q. ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना कितनी लंबी है?
यह परियोजना 125 किलोमीटर लंबी है।
Q. सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना की लागत कितनी है?
परियोजना के लिए लगभग 4,081 करोड़ रुपये की स्वीकृति का उल्लेख किया गया है।
Q. गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना की लागत कितनी है?
इस परियोजना के लिए 2,730 करोड़ रुपये की स्वीकृति का उल्लेख है।
Q. उत्तराखंड के कितने सीमांत गांव वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम में शामिल हैं?
कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 51 सीमांत गांवों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया गया है।
Q. शीतकालीन यात्रा में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या कितनी पहुंची?
संदेश के अनुसार, संख्या लगभग 80 हजार से बढ़कर डेढ़ लाख तक पहुंच गई है।
Q. खुरपिया में कौन-सी परियोजना विकसित की जा रही है?
ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर विकसित किया जा रहा है।
Q. किच्छा में कौन-सी स्वास्थ्य परियोजना विकसित हो रही है?
किच्छा में एम्स ऋषिकेश का सैटेलाइट सेंटर विकसित किया जा रहा है।











