उधम सिंह नगर पुलिस ने आरडी और एफडी के नाम पर लोगों से रकम जमा कराने वाले एक कलेक्शन एजेंट को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने करीब 50–60 खाताधारकों से 15–20 लाख रुपये जुटाए थे।
आरोप है कि जमा की गई रकम खाताधारकों के खाते में भेजने के बजाय आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसका गबन कर लिया। पुलिस ने इस कार्रवाई को आर्थिक अपराधों के खिलाफ अभियान से जोड़ा है।
मामला क्या है
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कलेक्शन एजेंट के तौर पर लोगों से आरडी और एफडी के लिए पैसे लेता था। इस तरह करीब 50–60 खाताधारकों से 15–20 लाख रुपये एकत्र किए गए।
बाद में यह रकम खाताधारकों के नाम पर जमा नहीं कराई गई। आरोप है कि आरोपी और उसके साथियों ने मिलकर धनराशि का इस्तेमाल अपने स्तर पर कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई
मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने गिरफ्तारी को आर्थिक अपराधों पर सख्त कार्रवाई के रूप में बताया है।
स्रोत सामग्री में आरोपी के खिलाफ दर्ज धाराओं, बरामदगी, साथियों की गिरफ्तारी या आगे की जांच की अलग जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इन पहलुओं पर कोई अतिरिक्त दावा नहीं किया जा सकता।
खाताधारकों पर असर
इस मामले में करीब 50–60 खाताधारकों की 15–20 लाख रुपये की रकम प्रभावित होने का आरोप है। रकम आरडी और एफडी के नाम पर जमा कराई गई थी, इसलिए संबंधित लोगों के लिए जमा धन की स्थिति अहम है।
Q. आरोपी पर क्या आरोप है?
आरोप है कि उसने आरडी और एफडी के नाम पर खाताधारकों से रकम ली और उसे अपने साथियों के साथ मिलकर हड़प लिया।
Q. कितने लोगों से रकम ली गई?
पुलिस की जानकारी के अनुसार, करीब 50–60 खाताधारकों से धनराशि जमा कराई गई।
Q. कितनी रकम का मामला है?
मामला 15–20 लाख रुपये की धनराशि से जुड़ा बताया गया है।
Q. आरोपी की कार्रवाई क्या हुई?
कलेक्शन एजेंट को गिरफ्तार किया गया है।
Q. क्या रकम खाताधारकों के खातों में जमा हुई थी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोप है कि रकम खाताधारकों के खाते में जमा नहीं कराई गई।
निष्कर्ष
आरडी-एफडी के नाम पर रकम जमा कराने वाले कलेक्शन एजेंट की गिरफ्तारी 15–20 लाख रुपये से जुड़े कथित गबन के मामले में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्रभावित खाताधारकों की संख्या करीब 50–60 है।










