ऊधमसिंह नगर में सोशल मीडिया के जरिये नाबालिगों को प्रेमजाल में फंसाने और उनके शोषण के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। बाल कल्याण समिति (CWC) के अध्यक्ष डॉ. रत्नेश सिंह के अनुसार, समिति के सामने हर माह ऐसे 4 से 5 मामले पहुंच रहे हैं।

समिति के अनुसार, कुछ मामलों में आरोपियों ने फर्जी पहचान या दूसरे नाम से सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर नाबालिगों से संपर्क किया। दोस्ती बढ़ाने के बाद उन्हें मिलने के बहाने घर से बाहर बुलाने और अपने साथ ले जाने के आरोप सामने आए हैं। कुछ मामलों में अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की बात भी सामने आई है।

इन मामलों में नाबालिगों को दूसरे शहरों या राज्यों में ले जाने, दुष्कर्म और दबाव बनाने के आरोप भी शामिल हैं। हालांकि, हर मामले में आरोपों की जांच और कानूनी कार्रवाई संबंधित पुलिस प्रक्रिया के अनुसार होगी।

सामने आए मामलों में क्या आरोप हैं

रुद्रपुर की नाबालिग को केरल ले जाने का आरोप

इस वर्ष रुद्रपुर की 14 वर्षीय नाबालिग को एक युवक पर प्रेमजाल में फंसाकर केरल ले जाने का आरोप लगा। आरोप है कि वहां युवक ने उससे शादी की और दुष्कर्म किया। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस करके नाबालिग को बरामद किया।

वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप

गदरपुर की 15 वर्षीय किशोरी से एक युवक ने उसकी सहेली के जरिये संपर्क किया। आरोप है कि युवक ने उसे बहाने से कमरे में बुलाया, दुष्कर्म किया और वीडियो बना लिया।

इसके बाद वीडियो के जरिये ब्लैकमेल कर किशोरी को अलग-अलग जगहों पर बुलाने का आरोप है। इन जगहों पर 8 अन्य युवकों पर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया। CWC के अनुसार, किशोरी के पिता उसे तलाश कर वापस लाए।

दूसरे नाम से सोशल मीडिया आईडी बनाकर संपर्क

मार्च में गदरपुर की 15 वर्षीय किशोरी से एक युवक ने दूसरे नाम से बनाई गई सोशल मीडिया आईडी के जरिये दोस्ती की। आरोप है कि इसके बाद वह किशोरी को चंडीगढ़ ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

पुलिस ने किशोरी को बरामद किया और आरोपी युवक को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करती; मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत और जांच की प्रक्रिया पर निर्भर होगा।

अभिभावकों से निगरानी और जागरूकता की अपील

बाल कल्याण समिति ने अभिभावकों से बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की है। समिति का कहना है कि बच्चों को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क के जोखिम के बारे में भी समझाना जरूरी है।

CWC के अनुसार, ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत के बाद नाबालिगों को घर से बाहर बुलाने या बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। समिति के पास हर माह पहुंच रहे मामलों की संख्या इस जोखिम को लेकर चिंता बढ़ा रही है।

निष्कर्ष

ऊधमसिंह नगर में CWC के पास हर माह सोशल मीडिया से जुड़े नाबालिगों के शोषण के 4 से 5 मामले पहुंच रहे हैं। समिति ने ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने और बच्चों को अनजान संपर्कों के खतरों के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. ऊधमसिंह नगर में ऐसे कितने मामले हर माह CWC के पास पहुंच रहे हैं?

हर माह 4 से 5 मामले बाल कल्याण समिति के सामने पहुंच रहे हैं।

Q. मामलों में सोशल मीडिया का इस्तेमाल किस तरह हुआ?

कुछ मामलों में फर्जी पहचान या दूसरे नाम से सोशल मीडिया आईडी बनाकर नाबालिगों से संपर्क किया गया। इसके बाद उन्हें मिलने के बहाने घर से बाहर बुलाने के आरोप हैं।

Q. क्या वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला भी सामने आया है?

हां, एक मामले में दुष्कर्म के बाद वीडियो बनाकर किशोरी को ब्लैकमेल करने का आरोप सामने आया है।

Q. रुद्रपुर की 14 वर्षीय नाबालिग के मामले में क्या कार्रवाई हुई?

पुलिस ने लोकेशन ट्रेस करके नाबालिग को बरामद किया। उसे केरल ले जाने, शादी और दुष्कर्म के आरोप सामने आए हैं।

Q. गदरपुर की 15 वर्षीय किशोरी के मामले में कितने युवकों पर आरोप है?

एक युवक पर संपर्क कर कमरे में बुलाने और वीडियो बनाने का आरोप है। बाद में 8 अन्य युवकों पर भी दुष्कर्म का आरोप लगाया गया।

Q. चंडीगढ़ वाले मामले में पुलिस ने क्या किया?

पुलिस ने किशोरी को बरामद किया और आरोपी युवक को गिरफ्तार किया।

Q. CWC ने अभिभावकों से क्या अपील की है?

CWC ने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें अनजान लोगों से सोशल मीडिया संपर्क के खतरों के बारे में जागरूक करने की अपील की है।