चंपावत के टनकपुर में दशहरा महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्व के सामाजिक संदेश पर बात की। उन्होंने कहा कि दशहरा लोगों को याद दिलाता है कि अंततः सत्य और न्याय की जीत होती है।

धामी के मुताबिक, बुराई कितनी भी ताकतवर क्यों न दिखाई दे, उसका टिकना तय नहीं होता। उन्होंने दशहरे को इसी विचार से जोड़ते हुए कहा कि यह दिन लोगों को सही और गलत के बीच फर्क समझने का संदेश देता है।

रावण के उदाहरण से समझाया संदेश

मुख्यमंत्री ने रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि उसके पास बहुत शक्ति, व्यापक ज्ञान और बड़ी संपत्ति थी। इसके बावजूद उसका अहंकार उसकी सारी ताकत पर भारी पड़ा और अंत में वही उसके विनाश की वजह बना।

धामी ने कहा कि दशहरा सिर्फ मेला या त्योहार नहीं है। इसके पीछे यह सीख है कि अहंकार व्यक्ति की उपलब्धियों और सामर्थ्य को भी कमजोर कर सकता है, जबकि सत्य और न्याय अंत में कायम रहते हैं।

यह बयान टनकपुर में आयोजित दशहरा महोत्सव के दौरान दिया गया। कार्यक्रम से जुड़ा पूरा वीडियो पीटीआई वीडियो पर उपलब्ध है।

निष्कर्ष

टनकपुर में मुख्यमंत्री धामी ने दशहरे का संदेश सत्य, न्याय और अहंकार के नतीजे से जोड़कर समझाया। उनके संबोधन का केंद्र रावण का उदाहरण और बुराई पर अच्छाई की जीत रहा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह बात कहां कही?

यह बयान चंपावत के टनकपुर में आयोजित दशहरा महोत्सव के दौरान दिया गया।

Q. धामी ने दशहरे को किस संदेश से जोड़ा?

उन्होंने दशहरे को सत्य और न्याय की अंतिम जीत का संदेश बताया।

Q. मुख्यमंत्री ने रावण का उदाहरण क्यों दिया?

उन्होंने रावण के जरिए बताया कि शक्ति, ज्ञान और संपत्ति होने के बावजूद अहंकार विनाश का कारण बन सकता है।

Q. धामी ने रावण के बारे में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि रावण के पास बहुत शक्ति, ज्ञान और संपत्ति थी, लेकिन उसका अहंकार उसकी ताकत पर भारी पड़ा।

Q. क्या इस कार्यक्रम का वीडियो उपलब्ध है?

हां, कार्यक्रम से जुड़ा पूरा वीडियो पीटीआई वीडियो पर उपलब्ध है।