देहरादून में उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या का बयान शारीरिक हिंसा और उत्पीड़न से जुड़े मामले में दर्ज किया गया है। यह मामला उनके पति गिरधारीलाल साहू के खिलाफ है। बयान विशेष जांच दल यानी SIT ने दर्ज किया है।

इस कार्रवाई के साथ मामले की जांच आगे बढ़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, SIT ने रेखा आर्या से मामले से जुड़े मूल दस्तावेज उपलब्ध कराने को भी कहा है। इससे जांच दल शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल कर सकेगा।

मामले में अब तक की स्थिति

पायनियर एज की 21 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, SIT ने रेखा आर्या का बयान दर्ज करने के साथ मूल दस्तावेज मांगे हैं। डेली पायनियर ने भी 19 अक्टूबर 2026 को उनके बयान दर्ज किए जाने की जानकारी दी थी।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की 19 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने गिरधारीलाल साहू की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह अदालत की कार्रवाई है, जबकि शारीरिक हिंसा और उत्पीड़न से जुड़े आरोपों की जांच SIT कर रही है। आरोपों के आधार पर किसी पक्ष को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

जांच का अगला कदम

SIT की ओर से मूल दस्तावेज मांगे जाने से संकेत मिलता है कि जांच में बयान के साथ संबंधित रिकॉर्ड भी शामिल किए जा रहे हैं। दस्तावेजों की जांच पूरी होने या आगे की कार्रवाई की कोई अतिरिक्त जानकारी की जानकारी अभी नहीं है।

मामला मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारीलाल साहू से जुड़ा है। इसलिए जांच के निष्कर्ष और आधिकारिक कार्रवाई सामने आने तक सभी आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाएगा।

निष्कर्ष

देहरादून में SIT ने रेखा आर्या का बयान दर्ज कर मामले की जांच आगे बढ़ाई है। जांच दल ने मूल दस्तावेज मांगे हैं, जबकि संबंधित रिपोर्ट के अनुसार अदालत गिरधारीलाल साहू की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. रेखा आर्या का बयान किसने दर्ज किया?

SIT ने रेखा आर्या का बयान दर्ज किया है।

Q. बयान कहां दर्ज किया गया?

बयान देहरादून में दर्ज किया गया।

Q. मामला किसके खिलाफ है?

मामला रेखा आर्या के पति गिरधारीलाल साहू के खिलाफ है।

Q. मामले में किस तरह के आरोप हैं?

मामला शारीरिक हिंसा और उत्पीड़न से जुड़े आरोपों का है।

Q. SIT ने इसके बाद क्या मांगा है?

SIT ने जांच के लिए मूल दस्तावेज मांगे हैं।

Q. गिरधारीलाल साहू की अग्रिम जमानत याचिका पर क्या हुआ?

द टाइम्स ऑफ इंडिया की संबंधित रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।