चमोली जिले के सिमली में बेस अस्पताल की मांग को लेकर बेस संघर्ष समिति ने देहरादून तक पदयात्रा शुरू कर दी है। समिति का कहना है कि स्थानीय लोगों को इलाज के लिए लंबे पहाड़ी रास्तों से दूर के अस्पतालों में जाना पड़ता है।

पदयात्रा शुरू होने से पहले समिति ने “गांव चलो, घर-घर चलो” अभियान चलाया। इस दौरान 50 से अधिक गांवों का दौरा किया गया। समिति के अनुसार, क्षेत्र के महिला मंगल दलों और स्थानीय निवासियों ने इस मांग को समर्थन दिया है।

समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से जुड़े हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों की मांग अपने घर के पास बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की है।

क्या है लोगों की मांग

स्थानीय लोग सिमली में बेस अस्पताल चाहते हैं। उनका कहना है कि गंभीर या जरूरी इलाज के लिए मरीजों को दूर स्थित अस्पतालों में भेजना पड़ता है। पहाड़ी सड़कों पर लंबी दूरी तय करने से मरीजों और उनके परिवारों के सामने मुश्किलें बढ़ती हैं।

इसी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए समिति ने देहरादून तक पैदल जाने का फैसला किया है। समिति के अनुसार, पदयात्रा का उद्देश्य सिमली में अस्पताल की जरूरत को प्रमुखता से उठाना है।

गांवों में चलाया गया संपर्क अभियान

पदयात्रा से पहले समिति के सदस्यों ने 50 से अधिक गांवों में लोगों से संपर्क किया। अभियान के दौरान महिला मंगल दलों और ग्रामीणों से समर्थन मांगा गया। समिति का दावा है कि इस संपर्क के बाद क्षेत्र के लोग पदयात्रा में बड़ी संख्या में शामिल हुए हैं।

यह अभियान सिमली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधा की मांग को सामने लाने की कोशिश है। समिति अब अपनी मांग लेकर देहरादून पहुंचेगी।

निष्कर्ष

सिमली में बेस अस्पताल की मांग को लेकर पदयात्रा शुरू हो गई है। बेस संघर्ष समिति के नेतृत्व में स्थानीय लोग देहरादून तक पैदल जाकर नजदीक इलाज की सुविधा की मांग सरकार के सामने रखेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. पदयात्रा किस मांग को लेकर शुरू हुई है?

सिमली में बेस अस्पताल स्थापित करने की मांग को लेकर पदयात्रा शुरू हुई है।

Q. पदयात्रा का नेतृत्व कौन कर रहा है?

पदयात्रा का नेतृत्व बेस संघर्ष समिति कर रही है।

Q. समिति के अध्यक्ष कौन हैं?

समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी हैं।

Q. समिति ने कितने गांवों में संपर्क किया?

समिति के अनुसार, “गांव चलो, घर-घर चलो” अभियान के तहत 50 से अधिक गांवों का दौरा किया गया।

Q. लोगों को बेस अस्पताल की जरूरत क्यों महसूस हो रही है?

स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाज के लिए उन्हें दूर के अस्पतालों में भेजा जाता है और लंबी पहाड़ी दूरी तय करनी पड़ती है।

Q. पदयात्रा कहां तक जाएगी?

पदयात्रा देहरादून तक जाएगी।