रुद्रपुर। प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में बिजली की जर्जर व्यवस्था से उद्योगों का काम प्रभावित हो रहा है। लो वोल्टेज और बार-बार आने वाले फॉल्ट के कारण कंपनियों को उत्पादन में नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सिडकुल में बिजली आपूर्ति के लिए स्थापना के समय बिछाई गई लाइनें ही अब तक इस्तेमाल हो रही हैं। उद्यमियों के अनुसार, इन लाइनों को बदला नहीं गया है। खंभों की नियमित मरम्मत भी नहीं हुई है, जबकि औद्योगिक क्षेत्र में कंपनियों की संख्या लगातार बढ़ती रही है।
कई जगह बिजली के तार झूल रहे हैं। खंभों पर जंग लगने से उनकी स्थिति कमजोर हो गई है। उद्यमियों का कहना है कि हल्की हवा या बारिश के दौरान भी फॉल्ट हो जाता है। इसके बाद कई घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रहती है।
त्योहारी सीजन में फॉल्ट की समस्या और बढ़ गई है। बिजली की अनियमितता से कंपनियों की महंगी मशीनों पर असर पड़ रहा है। लंबे समय तक बिजली गुल रहने से उत्पादन रुकता है और कारोबार को नुकसान होता है।
समस्या की मुख्य वजह
उद्यमियों के मुताबिक, सिडकुल की बिजली व्यवस्था करीब 20 साल पुरानी लाइनों और जर्जर खंभों पर निर्भर है। बढ़ती कंपनियों के बीच मौजूदा ढांचे में बदलाव नहीं होने से लो वोल्टेज और फॉल्ट की समस्या बनी हुई है।
निष्कर्ष
सिडकुल में पुरानी बिजली लाइनों, कमजोर खंभों और झूलते तारों के कारण लो वोल्टेज व फॉल्ट की समस्या उद्योगों पर असर डाल रही है। इससे बिजली कई घंटे बंद रहती है, मशीनों को नुकसान पहुंचता है और उत्पादन प्रभावित होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सिडकुल में बिजली की समस्या किस शहर में है?
रुद्रपुर के सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में यह समस्या सामने आई है।
Q. बिजली व्यवस्था कितनी पुरानी बताई गई है?
सिडकुल में बिजली की लाइनें करीब 20 साल पुरानी बताई गई हैं।
Q. उद्योगों को किस तरह की परेशानी हो रही है?
लो वोल्टेज और बार-बार फॉल्ट के कारण बिजली कई घंटे बंद रहती है। इससे उत्पादन प्रभावित होता है और महंगी मशीनों को नुकसान पहुंच रहा है।
Q. त्योहारी सीजन में क्या बदलाव आया है?
उद्यमियों के अनुसार, त्योहारी सीजन में फॉल्ट के मामले बढ़ गए हैं।
Q. बिजली के ढांचे में कौन-सी कमियां बताई गई हैं?
कई जगह तार झूल रहे हैं और जंग लगने से खंभे कमजोर हो गए हैं। लाइनों को बदले जाने और खंभों की मरम्मत नहीं होने की बात कही गई है।








