रुद्रपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में 5 नए डॉक्टरों की नियुक्ति के बाद उन्होंने अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है। इनमें 4 असिस्टेंट प्रोफेसर और एक सीनियर रेजिडेंट शामिल हैं। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक, इससे लंबे समय से बनी फैकल्टी की कमी कुछ कम होगी और मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
नई नियुक्तियां एनेस्थीसिया, एनाटॉमी, फार्माकोलॉजी, सर्जरी और जनरल मेडिसिन विभाग में हुई हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि डॉ. कौशल पांडे को एनेस्थीसिया विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर बनाया गया है। डॉ. सोनाली थॉमस एनाटॉमी विभाग में यह जिम्मेदारी संभालेंगी।
डॉ. कुणाल शर्मा की तैनाती फार्माकोलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर हुई है। डॉ. दीपांकर नायल सर्जरी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त किए गए हैं। वहीं, डॉ. मोहम्मद आमिर खान को जनरल मेडिसिन विभाग में सीनियर रेजिडेंट बनाया गया है।
मरीजों और ऑपरेशन सेवाओं पर असर
कॉलेज के अनुसार, एनेस्थीसिया और सर्जरी विभाग में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से ऑपरेशन सेवाओं को विस्तार मिल सकता है। इससे ऑपरेशन की क्षमता बढ़ाने और जटिल मामलों के उपचार में मदद मिलने की उम्मीद है।
जनरल मेडिसिन विभाग में सीनियर रेजिडेंट की तैनाती से इमरजेंसी और वार्ड में मरीजों की निगरानी बेहतर होने की संभावना है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि नए डॉक्टरों के आने से स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
एमबीबीएस पढ़ाई और पीजी मान्यता में मदद
एनाटॉमी और फार्माकोलॉजी विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर मिलने से एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई नियमित ढंग से चलाने में मदद मिलेगी। इससे मेडिकल कॉलेज को एनएमसी के मानकों को पूरा करने में भी सहयोग मिलने की उम्मीद है।
प्राचार्य के मुताबिक, फैकल्टी मजबूत होने पर पीजी सीटों की मान्यता की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है। मरीजों को दूसरे केंद्रों पर रेफर करने की समस्या घटने की भी उम्मीद जताई गई है।
निष्कर्ष
5 डॉक्टरों के ज्वाइन करने से रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज के इलाज, ऑपरेशन सेवाओं और मेडिकल शिक्षा से जुड़े कामों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में कितने नए डॉक्टर आए हैं?
कॉलेज में 5 नए डॉक्टरों ने ज्वाइन किया है। इनमें 4 असिस्टेंट प्रोफेसर और एक सीनियर रेजिडेंट हैं।
Q. नए असिस्टेंट प्रोफेसर किन विभागों में नियुक्त हुए हैं?
असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति एनेस्थीसिया, एनाटॉमी, फार्माकोलॉजी और सर्जरी विभाग में हुई है।
Q. सीनियर रेजिडेंट की नियुक्ति किस विभाग में हुई है?
डॉ. मोहम्मद आमिर खान को जनरल मेडिसिन विभाग में सीनियर रेजिडेंट बनाया गया है।
Q. नई नियुक्तियों से मरीजों को क्या फायदा होगा?
एनेस्थीसिया और सर्जरी सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। जनरल मेडिसिन विभाग में इमरजेंसी और वार्ड की देखभाल भी बेहतर हो सकती है।
Q. छात्रों की पढ़ाई पर नई नियुक्तियों का क्या असर पड़ेगा?
एनाटॉमी और फार्माकोलॉजी विभागों में फैकल्टी बढ़ने से एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई सुचारू रखने में मदद मिलेगी। एनएमसी के मानकों को पूरा करने में भी सहयोग मिल सकता है।











