रुद्रप्रयाग के चौंडा सिराईं गांव में ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर खुद श्रमदान कर रास्ता बना रहे हैं। ग्रामीण 16 अक्टूबर से चौंडा-मुरचौंडा-पालीगाड़ सड़क निर्माण की मांग पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद सड़क निर्माण की दिशा में काम नहीं हुआ है।

ग्रामीणों के श्रमदान के दौरान अब तक कोई सरकारी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। इसके बाद संघर्ष समिति के जसोधर सेमवाल, लक्ष्मी प्रसाद डिमरी और भगत चौहान ने अधिकारियों से मुलाकात की। समिति ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर ज्ञापन भी दिया।

डीएम ने अधिकारियों को मौके पर जाने के निर्देश दिए

मामले पर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में अधिकारियों और संघर्ष समिति के सदस्यों की बैठक हुई। बैठक में डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई।

जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी, अधिशासी अभियंता और प्रभागीय वनाधिकारी को मौके पर जाकर ग्रामीणों से बातचीत करने के निर्देश दिए हैं। अब ग्रामीणों को विभागीय अधिकारियों के मौके पर पहुंचने और उनकी मांग पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

चुनाव से पहले काम शुरू करने की मांग

संघर्ष समिति के जसोधर सेमवाल ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि विधानसभा चुनाव से पहले सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ, तो चौंडा सिराईं के ग्रामीण चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

लक्ष्मी प्रसाद डिमरी ने कहा कि दूरदराज के गांवों में लोग आज भी सुविधाओं से वंचित हैं। भगत चौहान ने प्रशासन से पहाड़ी गांवों की समस्याओं को प्राथमिकता देने की मांग की।

ग्रामीणों के अनुसार, चौंडा-मुरचौंडा-पालीगाड़ सड़क उनके क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांग है। इसी मांग को लेकर उन्होंने सरकारी कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय श्रमदान से रास्ता बनाने का काम शुरू किया है।

निष्कर्ष

चौंडा सिराईं में सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण 16 अक्टूबर से श्रमदान कर रहे हैं। बैठक के बाद अधिकारियों को मौके पर जाकर बातचीत के निर्देश मिले हैं, जबकि संघर्ष समिति ने विधानसभा चुनाव से पहले काम शुरू न होने पर बहिष्कार की चेतावनी दी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. चौंडा सिराईं के ग्रामीण किस सड़क की मांग कर रहे हैं?

चौंडा सिराईं के ग्रामीण चौंडा-मुरचौंडा-पालीगाड़ सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं।

Q. ग्रामीणों ने श्रमदान कब शुरू किया?

ग्रामीणों ने 16 अक्टूबर से श्रमदान कर रास्ता बनाने का काम शुरू किया।

Q. ग्रामीणों ने अधिकारियों से क्या मांग की?

ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर अधिकारियों से मुलाकात की और ज्ञापन दिया।

Q. बैठक की अध्यक्षता किसने की?

अधिकारियों और संघर्ष समिति के सदस्यों की बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने की।

Q. डीएम ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?

डीएम ने उप जिलाधिकारी, अधिशासी अभियंता और प्रभागीय वनाधिकारी को मौके पर जाकर ग्रामीणों से बातचीत करने के निर्देश दिए।

Q. ग्रामीणों ने चुनाव को लेकर क्या चेतावनी दी है?

संघर्ष समिति ने कहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो ग्रामीण चुनाव का बहिष्कार करेंगे।