रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से मरीजों की मुश्किल बढ़ गई है। अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है, जबकि जनरल सर्जन डॉ. वैभव विशाल पढ़ाई के सिलसिले में बाहर हैं। इससे इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
केदारघाटी के इस प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र में रोज करीब 300 मरीज उपचार के लिए आते हैं। गुप्तकाशी, ऊखीमठ, बसुकेदार और आसपास के दूरस्थ गांवों से महिलाएं भी जांच और इलाज के लिए यहां पहुंचती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध न होने के कारण कई मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
महिलाओं और गर्भवती मरीजों के सामने ज्यादा मुश्किल
स्थानीय निवासी दीपा देवी आर्य ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्त्री रोग विशेषज्ञों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। उनके मुताबिक, शहरों की तुलना में पहाड़ी इलाकों की स्वास्थ्य सेवाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
भौंसाल निवासी पुष्कर रावत ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष में घायल लोगों को समय पर इलाज मिलना जरूरी है।
पहाड़ी क्षेत्रों में सीमित परिवहन और लंबी दूरी के कारण अस्पताल तक पहुंचना पहले ही चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में विशेषज्ञ सेवाएं नहीं मिलने पर मरीजों को अतिरिक्त यात्रा और इलाज का खर्च उठाना पड़ता है।
अस्पताल में उपलब्ध स्थिति
अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमा असवाल ने बताया कि डॉ. वैभव विशाल की नियुक्ति जनरल सर्जन के पद पर है, लेकिन वह पढ़ाई के सिलसिले में बाहर गए हैं। उन्होंने बताया कि सीएचसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद भी रिक्त है।
इस स्थिति का असर उन मरीजों पर पड़ रहा है जिन्हें महिलाओं से जुड़े स्वास्थ्य मामलों, गर्भावस्था की जांच या सर्जरी से संबंधित परामर्श की जरूरत होती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
निष्कर्ष
अगस्त्यमुनि सीएचसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है और जनरल सर्जन डॉ. वैभव विशाल पढ़ाई के लिए बाहर हैं। रोज करीब 300 मरीजों वाले इस केंद्र में विशेषज्ञ सेवाओं की कमी से दूरस्थ गांवों के मरीजों, खासकर महिलाओं और गर्भवती मरीजों की परेशानी बढ़ रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. अगस्त्यमुनि सीएचसी में कौन-सा विशेषज्ञ पद रिक्त है?
स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है।
Q. जनरल सर्जन डॉ. वैभव विशाल अस्पताल में क्यों नहीं हैं?
डॉ. वैभव विशाल पढ़ाई के सिलसिले में बाहर गए हैं।
Q. सीएचसी में रोज कितने मरीज पहुंचते हैं?
सीएचसी में प्रतिदिन करीब 300 मरीज उपचार के लिए आते हैं।
Q. किन क्षेत्रों से महिलाएं यहां उपचार के लिए आती हैं?
गुप्तकाशी, ऊखीमठ, बसुकेदार और दूरस्थ गांवों से महिलाएं जांच और उपचार के लिए पहुंचती हैं।
Q. विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीजों पर क्या असर पड़ रहा है?
मरीजों को परेशानी हो रही है और कई लोग निजी अस्पतालों का सहारा लेने को मजबूर हैं।











