रुद्रप्रयाग में केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या से केदारनाथ हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। पैदल यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही के कारण कई जगह भीड़ की स्थिति बन रही है।

रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि प्रशासन यातायात और भीड़ की लगातार निगरानी कर रहा है। इसके लिए नियंत्रण कक्ष मार्ग और रास्ते में बने ठहराव स्थलों पर लगातार नजर रख रहा है।

यात्रा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही और पैदल यात्रियों के दबाव को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य तीर्थयात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना और किसी अप्रिय घटना को रोकना है।

हाईवे और पैदल मार्ग पर बढ़ा दबाव

केदारनाथ हाईवे पर तीर्थयात्रियों से जुड़े वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण यातायात का दबाव बढ़ा है। वहीं, ट्रेक रूट पर पैदल यात्रियों के साथ घोड़े-खच्चरों की आवाजाही भी जारी है। इन दोनों कारणों से मार्ग पर भीड़ और आवाजाही की चुनौती बनी हुई है।

प्रशासन ने मार्ग की स्थिति पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखा है। नियंत्रण कक्ष से रास्ते और ठहराव स्थलों की निगरानी की जा रही है, ताकि जरूरत के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जा सके।

यात्रा में लगातार बढ़ रही भागीदारी

एएनआई की 20 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, केदारनाथ यात्रा में 15 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके थे। यह आंकड़ा यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को दिखाता है।

मौजूदा स्थिति में प्रशासन का फोकस हाईवे पर वाहनों की आवाजाही और पैदल मार्ग पर भीड़ को संभालने पर है। सुरक्षा कर्मियों को दिए गए निर्देश इसी व्यवस्था को सुचारु रखने और अप्रिय घटनाओं से बचाव के लिए हैं।

निष्कर्ष

केदारनाथ धाम में बढ़ती तीर्थयात्री संख्या के बीच केदारनाथ हाईवे और ट्रेक रूट पर दबाव बढ़ा है। रुद्रप्रयाग प्रशासन नियंत्रण कक्ष और सुरक्षा कर्मियों के जरिए मार्ग, ठहराव स्थलों और भीड़ की निगरानी कर रहा है।