रुड़की में गुरुवार को हुई बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी। खेतों में कटाई के बाद सुखाने के लिए छोड़ी गई धान की फसल बारिश में भीग गई। किसानों को अब फसल खराब होने और आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है।
कई किसानों ने धान काटने के बाद फसल खेतों में ही सुखाने के लिए रखी थी। अचानक हुई बारिश से कटी फसल में नमी बढ़ गई। खेतों में पानी भरने के कारण इसे दोबारा सुखाने में भी मुश्किल आने की बात कही जा रही है।
धान की कटाई के बाद फसल सुखाकर उसकी मड़ाई की जाती है। बारिश के कारण यह प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। किसानों के मुताबिक, भीगी हुई फसल से धान की गुणवत्ता पर असर पड़ने और दाने का रंग खराब होने का खतरा है।
मड़ाई का काम प्रभावित होने की आशंका
खेतों में पानी जमा होने से फसल सुखाने में ज्यादा समय लग सकता है। इससे मड़ाई का काम आगे खिसकने की आशंका है। किसानों का कहना है कि ऐसी स्थिति में उनकी लागत बढ़ सकती है और नुकसान का जोखिम भी बना हुआ है।
किसान अशोक सैनी, प्रीतम कश्यप और नरेंद्र चौधरी समेत अन्य किसानों ने बताया कि खेती की लागत पहले ही लगातार बढ़ रही है। बारिश से कटी फसल भीगने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई है।
निष्कर्ष
गुरुवार की बारिश से रुड़की क्षेत्र में खेतों में कटी धान की फसल प्रभावित हुई है। फसल में बढ़ी नमी, पानी निकासी और सुखाने की मुश्किल से गुणवत्ता, मड़ाई और किसानों की लागत पर असर पड़ने की आशंका है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. रुड़की में किसानों की चिंता क्यों बढ़ी है?
गुरुवार की बारिश से खेतों में कटाई के बाद रखी धान की फसल भीग गई है। किसानों को नुकसान की आशंका है।
Q. खेतों में रखी धान की फसल किस काम के लिए छोड़ी गई थी?
किसानों ने धान की कटी फसल खेतों में सुखाने के लिए छोड़ी थी।
Q. बारिश से धान की गुणवत्ता पर क्या असर पड़ सकता है?
फसल में नमी बढ़ने से धान की गुणवत्ता प्रभावित होने और दाने का रंग खराब होने का खतरा है।
Q. बारिश से मड़ाई का काम क्यों प्रभावित हो सकता है?
खेतों में पानी भरने से फसल सुखाने में परेशानी हो सकती है। इससे मड़ाई का काम प्रभावित होने की आशंका है।
Q. किसानों ने खेती की लागत को लेकर क्या कहा?
अशोक सैनी, प्रीतम कश्यप और नरेंद्र चौधरी समेत किसानों ने कहा कि खेती की लागत पहले ही लगातार बढ़ रही है।








