दिल्ली में शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने जातीय भेदभाव और छुआछूत को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने छुआछूत को हिंदू धर्म के भीतर मौजूद बड़ा सामाजिक दोष बताया और इसे खत्म करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी कहा।

प्रियंका चतुर्वेदी ने उत्तराखंड में हुई घटना को बेहद निंदनीय बताया। हालांकि, उपलब्ध बयान में उस घटना का स्थान, तारीख या पूरा विवरण नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी समस्या को खत्म किया जाना चाहिए।

हिंदू धर्म को लेकर क्या कहा

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अक्सर हिंदू धर्म के खतरे में होने की बात कहती रही है। उनके मुताबिक, हिंदू धर्म और सनातन धर्म युगों से कायम रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म कभी खतरे में नहीं था और भविष्य में भी खतरे में नहीं होगा। उनका कहना था कि असली जरूरत छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने की है।

बयान का संदर्भ

यह प्रतिक्रिया मल्लिकार्जुन खड़गे की जातीय भेदभाव और छुआछूत से जुड़ी टिप्पणी के संदर्भ में आई। प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने बयान में छुआछूत के खिलाफ सामाजिक जिम्मेदारी और उत्तराखंड की घटना की निंदा, दोनों मुद्दों पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “छुआछूत हिंदू धर्म के भीतर एक बड़ा सामाजिक दोष है और इसे खत्म करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”

उपलब्ध जानकारी में उत्तराखंड की घटना पर किसी जांच, प्रशासनिक कार्रवाई या आगे के आधिकारिक कदम का विवरण नहीं है।

निष्कर्ष

प्रियंका चतुर्वेदी ने छुआछूत को खत्म करने की सामूहिक जिम्मेदारी बताई और उत्तराखंड में हुई घटना की निंदा की। उन्होंने हिंदू धर्म और सनातन धर्म को खतरे में होने की धारणा को खारिज किया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. प्रियंका चतुर्वेदी ने किस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी?

उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे की जातीय भेदभाव और छुआछूत से जुड़ी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी।

Q. उन्होंने छुआछूत को क्या बताया?

उन्होंने छुआछूत को हिंदू धर्म के भीतर मौजूद बड़ा सामाजिक दोष बताया।

Q. छुआछूत खत्म करने को लेकर उन्होंने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि इसे खत्म करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

Q. उत्तराखंड को लेकर प्रियंका चतुर्वेदी ने क्या कहा?

उन्होंने उत्तराखंड में हुई घटना को बेहद निंदनीय बताया।

Q. हिंदू धर्म को लेकर उनका क्या कहना था?

उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म कभी खतरे में नहीं था और भविष्य में भी खतरे में नहीं होगा।

Q. उन्होंने सनातन धर्म के बारे में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म और सनातन धर्म युगों से कायम रहे हैं।