काठगोदाम में रविवार शाम वन-वे व्यवस्था के चलते उत्तराखंड परिवहन निगम की 5 बसों का संचालन प्रभावित हुआ। बसें रेलवे स्टेशन परिसर में खड़ी करा दी गईं, जिससे नैनीताल जाने वाले यात्री और पर्यटक लंबे समय तक इंतजार करते रहे।
हल्द्वानी डिपो की 2 और काठगोदाम डिपो की 3 बसें दोपहर 3 बजे से स्टेशन परिसर में खड़ी थीं। इस वजह से नैनीताल में यात्रियों को बस सेवा के लिए घंटों रुकना पड़ा। परिवहन निगम को भी इस व्यवधान से आर्थिक नुकसान होने की बात सामने आई है।
डिपो अधिकारियों ने जताई नाराजगी
काठगोदाम डिपो के एआरएम गणेश पंत और हल्द्वानी डिपो के एआरएम संजय पांडे ने बसें रोके जाने पर नाराजगी जताई। अधिकारियों के मुताबिक काठगोदाम डिपो रेलवे स्टेशन से करीब 20 मीटर की दूरी पर है। ऐसे में बसों को स्टेशन परिसर में खड़ा कराने का कारण उन्हें तार्किक नहीं लगा।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि बसों का संचालन रोकने को लेकर परिवहन निगम को पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई लिखित आदेश नहीं मिला था। उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि बसों को कितने समय बाद दोबारा चलाया गया।
यात्रियों पर पड़ा सीधा असर
बसों के स्टेशन परिसर में खड़े रहने से नैनीताल में मौजूद यात्रियों और पर्यटकों को परेशानी उठानी पड़ी। उन्हें निर्धारित बस सेवा का इंतजार करना पड़ा, जबकि परिवहन निगम की कई बसें काठगोदाम में ही रुक गई थीं।
निष्कर्ष
वन-वे व्यवस्था के दौरान बसों को रोकने से नैनीताल जाने वाले यात्रियों की मुश्किल बढ़ी और परिवहन निगम को नुकसान हुआ। डिपो अधिकारियों ने लिखित आदेश नहीं मिलने पर सवाल उठाए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. काठगोदाम में बसें क्यों रोकी गईं?
पुलिस की वन-वे व्यवस्था के दौरान बसों को रेलवे स्टेशन परिसर में खड़ा करा दिया गया।
Q. कितनी बसें प्रभावित हुईं?
हल्द्वानी डिपो की 2 और काठगोदाम डिपो की 3 बसें रोकी गईं।
Q. बसें कब से स्टेशन परिसर में खड़ी थीं?
बसें दोपहर 3 बजे से रेलवे स्टेशन परिसर में खड़ी थीं।
Q. इस कार्रवाई से किसे परेशानी हुई?
नैनीताल जाने वाले यात्रियों और वहां मौजूद पर्यटकों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा।
Q. क्या बस संचालन रोकने का लिखित आदेश मिला था?
डिपो अधिकारियों के अनुसार, पुलिस या प्रशासन की ओर से परिवहन निगम को कोई लिखित आदेश नहीं मिला था।










