पिथौरागढ़ में फर्जी चिटफंड कंपनी खोलकर लोगों से 28 लाख रुपये लेने के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने पति-पत्नी को 6-6 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला नगर के टकाना क्षेत्र में संचालित चिटफंड कंपनी से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी अभय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी दीपा श्रीवास्तव ने यहां कंपनी खोली थी। कंपनी से 250 से अधिक लोग जुड़े थे। पूर्णिमा थापा को इसमें प्रबंधक बनाया गया था।
कुछ समय बाद दंपती कंपनी में लोगों की जमा 28 लाख रुपये की रकम लेकर चले गए। जब लोगों ने अपनी जमा पूंजी वापस मांगनी शुरू की, तब दोनों से संपर्क करने की कोशिश की गई। उनके फोन बंद मिले और संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई।
ऐसे आगे बढ़ा मामला
निधि लिमिटेड चिटफंड कंपनी की प्रबंधक पूर्णिमा थापा ने 1 सितंबर 2017 को पुलिस में तहरीर दी थी। पुलिस ने जांच के बाद 7 सितंबर 2021 को दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद मामला अदालत में चलता रहा।
सोमवार को विशेष सत्र न्यायाधीश ने सभी पक्षों और गवाहों को सुनने के साथ साक्ष्यों का परीक्षण किया। इसके बाद अभय श्रीवास्तव और दीपा श्रीवास्तव को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई।
पति पहले से जेल में, पत्नी को भी भेजा गया
मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता प्रमोद पंत के अनुसार, दंपती पर पिथौरागढ़ के अलावा लखनऊ और देश के अन्य शहरों में भी फर्जी चिटफंड कंपनी खोलकर लोगों से ठगी करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हैं।
स्रोत के अनुसार, लखनऊ के मामले में भी दोनों को जेल की सजा सुनाई जा चुकी है। पति पहले से जेल में सजा काट रहा है, जबकि पत्नी जमानत पर बाहर थी। पिथौरागढ़ की अदालत के फैसले के बाद पत्नी को भी जेल भेज दिया गया है।
निष्कर्ष
पिथौरागढ़ की विशेष सत्र अदालत ने 28 लाख रुपये की ठगी के मामले में पति-पत्नी को दोषी ठहराकर 6-6 साल की सजा सुनाई। पति पहले से जेल में है और जमानत पर बाहर रही पत्नी को भी अब जेल भेजा गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. अदालत ने पति-पत्नी को कितनी सजा सुनाई?
दोनों को 6-6 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
Q. दोनों पर कितना जुर्माना लगाया गया?
अदालत ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
Q. मामले में कितने रुपये की रकम का जिक्र है?
मामले में लोगों की जमा 28 लाख रुपये की रकम लेकर चले जाने की बात सामने आई है।
Q. कंपनी से कितने लोग जुड़े थे?
कंपनी से 250 से अधिक लोग जुड़े थे।
Q. शिकायत कब दर्ज कराई गई थी?
कंपनी की प्रबंधक पूर्णिमा थापा ने 1 सितंबर 2017 को पुलिस में तहरीर दी थी।
Q. प्राथमिकी कब दर्ज हुई?
पुलिस ने जांच के बाद 7 सितंबर 2021 को दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।










