नैनीताल से ज्योलीकोट के बीच सड़क सुधार का काम शुरू हो गया है। पैचवर्क पूरा होने के बाद अब करीब 12 किमी हिस्से पर डामरीकरण किया जा रहा है। इस सड़क पर लंबे समय से जगह-जगह गड्ढे बने थे, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी।
सड़क की खराब हालत का असर वाहन चालकों पर भी पड़ रहा था। गड्ढों के कारण वाहनों को संभालकर चलाना पड़ रहा था और आवाजाही मुश्किल हो रही थी। डामरीकरण शुरू होने से इस मार्ग की स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
350 लाख रुपये की लागत से होगा काम
एनएचएआई के ईई महेंद्र कुमार के अनुसार, 12 किलोमीटर सड़क पर डामरीकरण का काम 350 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काम पूरा होने के बाद लोगों को सड़क पर गड्ढों से होने वाली दिक्कतों से राहत मिलेगी।
बीते दिनों विभाग ने सड़क के गड्ढे भरने के लिए पैचवर्क कराया था। अब उसके बाद डामरीकरण शुरू किया गया है। इससे सड़क की सतह को बेहतर बनाने और मार्ग पर आवाजाही की मुश्किल कम करने की कोशिश की जा रही है।
निष्कर्ष
नैनीताल-ज्योलीकोट मार्ग के करीब 12 किमी हिस्से पर 350 लाख रुपये की लागत से डामरीकरण शुरू हो चुका है। काम पूरा होने के बाद गड्ढों के कारण वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी कम होने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. नैनीताल-ज्योलीकोट सड़क पर कितने हिस्से में डामरीकरण होगा?
करीब 12 किमी सड़क पर डामरीकरण किया जाएगा।
Q. सड़क के डामरीकरण पर कितनी लागत आएगी?
इस काम पर 350 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
Q. डामरीकरण से पहले सड़क पर क्या काम हुआ था?
बीते दिनों विभाग ने गड्ढे भरने के लिए पैचवर्क कराया था।
Q. सड़क खराब होने से किसे परेशानी हो रही थी?
गड्ढों के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कत हो रही थी।
Q. सड़क सुधार कार्य किस मार्ग पर चल रहा है?
काम नैनीताल से ज्योलीकोट के बीच सड़क पर किया जा रहा है।









