नैनीताल की विशेष अदालत ने स्मैक बरामदगी के मामले में योगेश पंत को 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर ₹30,000 का जुर्माना भी लगाया है। इसी मामले में सह-अभियुक्त असलम खां को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषमुक्त कर दिया गया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश और विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) संजीव कुमार की अदालत ने 21 अक्तूबर को यह फैसला सुनाया। मामला करीब 6 साल पुराना है और इसकी शुरुआत 17 दिसंबर 2020 को हुई थी।
क्या था मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, हल्द्वानी पुलिस ने योगेश पंत निवासी खन्ना फार्म, तीनपानी, हल्द्वानी के कब्जे से 15.05 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की थी। इसके बाद थाना हल्द्वानी में एफआईआर दर्ज की गई।
योगेश पंत के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मुकदमा चलाया गया। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी माना गया। इसके बाद न्यायालय ने 3 साल के कठोर कारावास और ₹30,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अदालत के आदेश के अनुसार, यदि योगेश पंत जुर्माने की रकम जमा नहीं करता है तो उसे एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
सह-अभियुक्त को राहत
इसी प्रकरण में असलम खां निवासी कोटा अली नगर, बिलासपुर, रामपुर (उत्तर प्रदेश) के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/29 के तहत कार्रवाई की गई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि उसके खिलाफ धारा 29 का आरोप उपलब्ध साक्ष्यों से साबित नहीं हो पाया।
इसके आधार पर अदालत ने असलम खां को दोषमुक्त कर दिया। यानी इस मामले में अदालत का फैसला दोनों आरोपियों के लिए अलग रहा—योगेश पंत को दोषी ठहराकर सजा दी गई, जबकि असलम खां को दोषमुक्त किया गया।
निष्कर्ष
नैनीताल की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 15.05 ग्राम स्मैक बरामदगी के मामले में योगेश पंत को 3 साल के कठोर कारावास और ₹30,000 जुर्माने की सजा दी। इसी मामले में धारा 29 का आरोप साबित नहीं होने पर असलम खां को दोषमुक्त कर दिया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. अदालत ने योगेश पंत को क्या सजा दी?
योगेश पंत को 3 साल के कठोर कारावास और ₹30,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
Q. जुर्माना जमा नहीं करने पर क्या होगा?
जुर्माना अदा नहीं करने पर योगेश पंत को एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
Q. मामले में कितनी स्मैक बरामद हुई थी?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, योगेश पंत के कब्जे से 15.05 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई थी।
Q. यह मामला कब का है?
मामला 17 दिसंबर 2020 का है।
Q. अदालत ने फैसला कब सुनाया?
विशेष अदालत ने 21 अक्तूबर को फैसला सुनाया।
Q. सह-अभियुक्त असलम खां के साथ क्या हुआ?
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर असलम खां को दोषमुक्त कर दिया।
Q. असलम खां पर कौन-सी धाराओं के तहत कार्रवाई हुई थी?
उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/29 के तहत कार्रवाई की गई थी।








