बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र के सुमगढ़ गांव में तेंदुए के हमलों से ग्रामीणों में डर बढ़ गया है। ग्राम पंचायत सुमगढ़ के तोक बांसे में रविवार को शाम करीब 7:30 AM तेंदुए ने 2 बकरी पालकों की 8 बकरियों को मार दिया। इससे प्रभावित परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ग्राम प्रधान भूपेंद्र कोरंगा के अनुसार, तेंदुए ने बकरी पालक जैत राम की 5 बकरियों को मार डाला। इनमें 7 वर्षीय लख्खा भी शामिल थी। इसके अलावा दयाल राम की 3 बकरियां भी हमले में मारी गईं। इनमें एक बकरी 3 वर्षीय थी।
दोनों परिवारों के लिए बकरी पालन आय और रोजगार का मुख्य साधन बताया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ कई दिनों से रात में गांव के आसपास घूम रहा है। लगातार हो रहे हमलों के कारण पशुपालक अपने मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
10 दिन में 14 बकरियों की मौत
सुमगढ़ में इससे पहले 10 अक्तूबर को भी तेंदुए ने 6 बकरियों को मार दिया था। रविवार की घटना में मारी गई 8 बकरियों को मिलाकर 10 दिन के भीतर मृत बकरियों की संख्या 14 हो गई है। ग्रामीणों ने कहा कि हमलों से पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और वन विभाग से प्रभावित परिवारों को जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने तेंदुए की दहशत से राहत के लिए क्षेत्र में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
रतमटिया में चरते समय बकरी पर हमला
गरुड़ क्षेत्र के रतमटिया गांव में भी तेंदुए की सक्रियता से ग्रामीण परेशान हैं। पशुपालक आनंद सिंह के अनुसार, वह गांव के पास अपनी बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक हमला किया और एक बकरी को उठा ले गया।
खोजबीन के बाद बकरी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। घटना के बाद पशुपालकों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण मनोज बिष्ट, आनंद सिंह और मुकेश सिंह ने वन विभाग से गांव के आसपास तत्काल पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की मांग की है।
सुमगढ़ और रतमटिया की घटनाएं अलग-अलग स्थानों पर सामने आई हैं। उपलब्ध जानकारी में यह पुष्टि नहीं है कि दोनों घटनाओं में एक ही तेंदुआ शामिल था।
निष्कर्ष
सुमगढ़ में 10 दिन के भीतर 14 बकरियों की मौत और रतमटिया में एक बकरी पर हमले से बागेश्वर के ग्रामीणों की चिंता बढ़ी है। प्रभावित परिवारों ने मुआवजे और वन विभाग से तेंदुए के हमलों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सुमगढ़ में कितनी बकरियां मारी गई हैं?
सुमगढ़ में 10 दिन के भीतर तेंदुए ने 14 बकरियों को मार दिया है। इनमें रविवार शाम मारी गई 8 बकरियां भी शामिल हैं।
Q. रविवार शाम सुमगढ़ में हमला कब हुआ?
रविवार को शाम करीब 7:30 AM तेंदुए ने 2 बकरी पालकों की बकरियों पर हमला किया।
Q. सुमगढ़ में प्रभावित परिवारों की आजीविका क्या थी?
जैत राम और दयाल राम के परिवारों के लिए बकरी पालन आय और रोजगार का मुख्य साधन था।
Q. रतमटिया में क्या घटना हुई?
रतमटिया गांव के पास तेंदुआ एक ग्रामीण की बकरी को उठा ले गया। बाद में बकरी का क्षत-विक्षत शव मिला।
Q. ग्रामीणों ने वन विभाग से क्या मांग की है?
ग्रामीणों ने गांव के आसपास पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की मांग की है।









