हल्द्वानी। कोलकाता और दिल्ली से काठगोदाम लौटने वाली ट्रेनें लगातार देरी से पहुंच रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। काठगोदाम रेलवे स्टेशन से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार में सिग्नल का काम चल रहा है। इसके चलते कई ट्रेनें बदले हुए रूट से चल रही हैं।
रविवार को हावड़ा से काठगोदाम आने वाली बाघ एक्सप्रेस अपने तय समय से एक घंटा 40 मिनट देर से पहुंची। ट्रेन के पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 9:30 AM है, लेकिन यह सुबह 11:10 AM काठगोदाम पहुंची।
दिल्ली से लौटने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की देरी भी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। व्यस्त रूट पर सिग्नल न मिलने से यह ट्रेन समय पर नहीं पहुंच पा रही है। 4 अक्तूबर को ट्रेन अपने तय समय 10:45 AM के बजाय रात 12:15 PM काठगोदाम रेलवे स्टेशन पहुंची। 3 अक्तूबर को यही ट्रेन रात डेढ़ बजे पहुंची थी।
रात में ट्रेन पहुंचने के कारण यात्रियों को स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले कई यात्रियों ने स्टेशन में ही रुककर रात बिताई। रात के समय सुविधाओं की कमी ने उनकी मुश्किल बढ़ा दी।
रानीखेत और बाघ एक्सप्रेस में सीटों की कमी
3 दिन का वीकेंड खत्म होने के बाद भी रानीखेत और बाघ एक्सप्रेस में सीटें उपलब्ध नहीं हैं। रेलवे की वेबसाइट के अनुसार, काठगोदाम से दिल्ली होते हुए जेसलमैर जाने वाली रानीखेत एक्सप्रेस में मंगलवार से 12 अक्तूबर तक स्लीपर श्रेणी में वेटिंग 95 से 140 तक पहुंच गई है।
रानीखेत एक्सप्रेस के थर्ड एसी और सेकेंड एसी डिब्बों में भी सीटें पूरी तरह भरी हैं। इन श्रेणियों में वेटिंग 24 से 72 तक चल रही है। वापसी वाली ट्रेन में भी बुकिंग की स्थिति ऐसी ही बनी हुई है।
बाघ एक्सप्रेस में भी आने-जाने वाले दोनों मार्गों पर एक सप्ताह तक सीटें खाली नहीं हैं। इसके स्लीपर डिब्बों में वेटिंग 50 से 80 तक पहुंच गई है।
कुछ तारीखों में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं
ट्रेनों में बुकिंग का दबाव इस स्तर पर है कि काठगोदाम से जाने वाली बाघ एक्सप्रेस में मंगलवार, 9 अक्तूबर और 11 अक्तूबर को स्लीपर श्रेणी में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है।
रानीखेत एक्सप्रेस में आने वाली रविवार की यात्रा के लिए थर्ड एसी और सेकेंड एसी में टिकट की स्थिति ‘रिग्रेट’ दिखाई जा रही है। इसका मतलब है कि इन श्रेणियों में बुकिंग उपलब्ध नहीं है।
वीकेंड के बाद रोडवेज को मिली राहत
3 दिन का वीकेंड खत्म होने के बाद परिवहन निगम के अधिकारियों ने राहत महसूस की। नैनीताल-दिल्ली मार्ग पर पिछले 3 दिनों से बढ़ी यात्रियों की संख्या में सोमवार को कमी दर्ज की गई।
हल्द्वानी डिपो के एआरएम संजय पांडे ने बताया कि सुबह दिल्ली जाने वाली बसों में यात्री पहुंचे। दोपहर बाद बसों का संचालन सामान्य दिनों की तरह रहा।
ऑनलाइन बुकिंग वाली दिल्ली रूट की वॉल्वो और एसी बस सेवाओं में भी वीकेंड के मुकाबले 40 फीसदी यात्रियों ने ही बुकिंग कराई।
निष्कर्ष
बिहार में सिग्नल कार्य के चलते काठगोदाम आने वाली बाघ और संपर्क क्रांति एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। संपर्क क्रांति के देर रात पहुंचने से यात्रियों को स्टेशन पर रुकना पड़ा, जबकि रानीखेत और बाघ एक्सप्रेस में 12 अक्तूबर तक सीटों की कमी बनी हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ट्रेनें देरी से क्यों पहुंच रही हैं?
बिहार में सिग्नल का काम चल रहा है। इसके चलते कई ट्रेनें बदले हुए रूट से चल रही हैं और देरी से पहुंच रही हैं।
Q. संपर्क क्रांति एक्सप्रेस कब-कब देर से काठगोदाम पहुंची?
4 अक्तूबर को यह ट्रेन रात 12:15 PM और 3 अक्तूबर को रात डेढ़ बजे काठगोदाम पहुंची।
Q. बाघ एक्सप्रेस कितनी देर से काठगोदाम पहुंची?
रविवार को बाघ एक्सप्रेस अपने तय समय से एक घंटा 40 मिनट देर से पहुंची। यह सुबह 9:30 AM के बजाय 11:10 AM पहुंची।
Q. रानीखेत एक्सप्रेस में वेटिंग कितनी है?
12 अक्तूबर तक स्लीपर श्रेणी में वेटिंग 95 से 140 तक है। थर्ड एसी और सेकेंड एसी में वेटिंग 24 से 72 तक चल रही है।
Q. क्या रोडवेज बसों में भीड़ कम हुई है?
हां, वीकेंड के बाद नैनीताल-दिल्ली मार्ग पर यात्रियों की संख्या में कमी दर्ज की गई। दोपहर बाद बसों का संचालन सामान्य दिनों की तरह रहा।








