नैनीताल के ज्योलीकोट क्षेत्र में जलजनित बीमारियों के प्रकोप के 45 दिन बाद सभी विद्यालय सोमवार से खुल गए। करीब डेढ़ माह बाद कक्षाएं शुरू होने पर स्कूलों में फिर से रौनक दिखाई दी।
ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने विभागीय अधिकारियों के साथ क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। शहीद हीराबल्लभ भट्ट जीआईसी में पानी की टंकी और शौचालय गंदे मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और प्रधानाचार्य कुंदन सिंह को नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में पेयजल व्यवस्था पर जोर
इसके बाद केवीके सभागार में समीक्षा बैठक हुई। इसमें जल संस्थान, पेयजल निगम, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से अब तक किए गए काम तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली गई। डॉ. बिष्ट ने सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रत्येक ग्राम सभा में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पर चर्चा हुई। नए कनेक्शन स्वीकृत करने के लिए ब्लॉक स्तर पर कमेटी गठित करने और पेयजल की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात भी रखी गई।
डॉ. बिष्ट ने सीएमओ डॉ. रश्मि पंत से अंतिम केस के बाद भी अगले 100 दिनों तक अभियान और निगरानी जारी रखने को कहा। उन्होंने जल संस्थान को भविष्य में साफ और सही पेयजल व्यवस्था लगातार बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय में गंदगी या पेयजल के कारण बच्चे बीमार हुए तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की होगी। शिक्षा अधिकारी को भी स्कूलों की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
सीएमओ ने बच्चों से उबला पानी लाने की अपील की
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने सोमवार को ज्योलीकोट क्षेत्र के 3 विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को सुरक्षित पेयजल और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। सीएमओ ने बच्चों से घर से उबला पानी लाने की अपील की।
उन्होंने प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को पेयजल, शौचालय और विद्यालय परिसर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। स्कूलों में हैंडवाश की व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा गया।
इधर, पीएचसी ज्योलीकोट में 40 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें 27 लोगों के ब्लड टेस्ट हुए।
बैठक में ग्राम प्रधान डॉ. बबीता मनराल, देवेंद्र नेगी, हरगोविंद रावत, शेखर भट्ट, नवल कुमार और मनोज बर्गली सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
ज्योलीकोट के स्कूल 45 दिन बाद खुल गए हैं। प्रशासनिक निर्देशों में साफ पेयजल, नियमित सफाई, स्वास्थ्य निगरानी और स्कूल व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ज्योलीकोट के स्कूल कितने दिन बाद खुले?
ज्योलीकोट क्षेत्र के सभी स्कूल जलजनित बीमारियों के प्रकोप के 45 दिन बाद सोमवार से खुले।
Q. निरीक्षण के दौरान क्या कमी मिली?
शहीद हीराबल्लभ भट्ट जीआईसी में पानी की टंकी और शौचालय गंदे मिले।
Q. बच्चों के लिए सीएमओ ने क्या अपील की?
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बच्चों से घर से उबला पानी लाने की अपील की।
Q. स्वास्थ्य जांच में कितने लोग शामिल हुए?
पीएचसी ज्योलीकोट में 40 लोगों की स्वास्थ्य जांच हुई और 27 लोगों के ब्लड टेस्ट किए गए।
Q. अगले 100 दिनों के लिए क्या निर्देश दिए गए?
अंतिम केस के बाद भी अगले 100 दिनों तक अभियान और निगरानी जारी रखने को कहा गया।








