हरिद्वार के पदार्था स्थित उत्तरांचल यूनानी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मान्यता नहीं मिली है। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग ने कॉलेज पर ₹1 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है। इस फैसले के बाद इस सत्र में कॉलेज की बीयूएमएस सीटों पर दाखिले नहीं हो सकेंगे।
निरीक्षण में सामने आई अनियमितताएं
मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड की टीम ने 23 और 24 जून को कॉलेज का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान 20 शिक्षक केवल कागजों पर कार्यरत पाए गए। कॉलेज में आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
कॉलेज प्रबंधन से शिक्षकों की उपस्थिति के साक्ष्य मांगे गए थे। इसके जवाब में सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराए गए। जांच के दौरान फुटेज एडिटेड और छेड़छाड़ किए हुए पाए गए। समिति के अनुसार, फुटेज में लूपिंग सीक्वेंस थे और अलग-अलग समय के फ्रेम आपस में मेल नहीं खा रहे थे।
60 बीयूएमएस सीटों पर दाखिले की अनुमति नहीं
इन साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने 20 शिक्षकों को फर्जी माना। नियम के अनुसार, प्रत्येक फर्जी शिक्षक पर 5 फीसदी सीट कटौती का प्रावधान है। इसी आधार पर कॉलेज की 60 बीयूएमएस सीटों पर शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
आयोग ने नियमों के गंभीर उल्लंघन के कारण संस्थान पर ₹1 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है। आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शिवकुमार बरनवाल ने आयोग के आदेश की पुष्टि की है।
छात्रों के लिए क्या असर
मान्यता नहीं मिलने का सीधा असर 2026-27 सत्र की बीयूएमएस प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ेगा। कॉलेज की 60 सीटों पर इस सत्र में दाखिले नहीं हो सकेंगे।
निष्कर्ष
भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग ने निरीक्षण में मिली अनियमितताओं और सीसीटीवी फुटेज में छेड़छाड़ के आधार पर कॉलेज को 2026-27 सत्र की मान्यता नहीं दी है। संस्थान पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है और 60 बीयूएमएस सीटों पर दाखिले रोक दिए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हरिद्वार के किस कॉलेज को मान्यता नहीं मिली?
उत्तरांचल यूनानी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पदार्था को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मान्यता नहीं मिली है।
Q. कॉलेज का निरीक्षण कब हुआ था?
मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड की टीम ने 23 और 24 जून को कॉलेज का निरीक्षण किया था।
Q. निरीक्षण में कितने शिक्षक केवल कागजों पर कार्यरत मिले?
निरीक्षण के दौरान 20 शिक्षक केवल कागजों पर कार्यरत पाए गए।
Q. सीसीटीवी फुटेज की जांच में क्या सामने आया?
फुटेज एडिटेड और छेड़छाड़ किए हुए पाए गए। उनमें लूपिंग सीक्वेंस और समय के साथ मेल न खाने वाले फ्रेम मिले।
Q. कॉलेज पर कितना जुर्माना लगाया गया है?
संस्थान पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है।
Q. कितनी बीयूएमएस सीटों पर दाखिला नहीं होगा?
शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कॉलेज की 60 बीयूएमएस सीटों पर दाखिले की अनुमति नहीं दी गई है।
Q. आयोग ने शिक्षकों के बारे में क्या माना?
उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने 20 शिक्षकों को फर्जी माना।











