हरिद्वार जिले के पथरी क्षेत्र में शुक्रवार को बिजली आपूर्ति ठप रहने और बार-बार ट्रिपिंग से ग्रामीणों को परेशानी हुई। भट्टीपुर बिजलीघर से जुड़े इलाकों में दोपहर 12 बजे बिजली चली गई और शाम 4 बजे के बाद आपूर्ति बहाल हुई। इससे घरों के रोजमर्रा के काम प्रभावित रहे।

भट्टीपुर बिजलीघर क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि बिजली आने और जाने का कोई तय समय नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, दिनभर रुक-रुककर कटौती होती है और कई बार लगातार ट्रिपिंग भी रहती है। उनका दावा है कि 24 घंटे में केवल 15-16 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।

ग्रामीणों ने सुधार की मांग उठाई

नव भारतीय किसान संगठन उत्तराखंड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड प्रभारी सुखदेव पाल ने ग्रामीणों के साथ ऊर्जा निगम के अधिकारियों से व्यवस्था ठीक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो किसानों के साथ अधिकारियों का घेराव और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

ग्रामीणों की शिकायत का असर नसीरपुर कलां, शाहपुर शीतलाखेड़ा, शेरपुर, बादशाहपुर, भट्टीपुर, भोवापुर चमरावल, नई कुंडी, हरसीवाला, धारीवाला, टिकोला और रानीमाजरा समेत कई गांवों पर पड़ा। मोहन सिंह, राजकुमार, देशराज सैनी और विनोद कुमार ने बिजली कटौती और ट्रिपिंग को लेकर नाराजगी जताई।

मरम्मत के दौरान बंद रही आपूर्ति

ऊर्जा निगम की एसडीओ गिन्नी रानी ने बताया कि भट्टीपुर बिजलीघर क्षेत्र की लाइनों में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी वजह से उस दौरान बिजली आपूर्ति बंद रही। ग्रामीणों की ओर से ट्रिपिंग और अनियमित आपूर्ति को लेकर उठाई गई अन्य शिकायतों पर अलग से कोई जानकारी नहीं दी गई है।

निष्कर्ष

भट्टीपुर क्षेत्र में बिजली कटौती और ट्रिपिंग से कई गांवों के लोग प्रभावित हुए। ग्रामीणों ने व्यवस्था सुधारने की मांग की है, जबकि ऊर्जा निगम ने 4 घंटे की बंदी का कारण लाइन मरम्मत बताया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. भट्टीपुर क्षेत्र में बिजली कब बंद हुई?

दोपहर 12 बजे बिजली आपूर्ति बंद हुई थी। शाम 4 बजे के बाद बिजली बहाल हुई।

Q. बिजली कटौती से कौन-से इलाके प्रभावित हुए?

नसीरपुर कलां, शाहपुर शीतलाखेड़ा, शेरपुर, बादशाहपुर, भट्टीपुर, भोवापुर चमरावल, नई कुंडी, हरसीवाला, धारीवाला, टिकोला और रानीमाजरा के ग्रामीण प्रभावित हुए।

Q. ग्रामीणों की मुख्य शिकायत क्या है?

ग्रामीणों ने तय समय के बिना बिजली आने-जाने और बार-बार ट्रिपिंग की शिकायत की है।

Q. ग्रामीणों ने क्या मांग रखी है?

उन्होंने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

Q. व्यवस्था नहीं सुधरने पर ग्रामीणों ने क्या कहा है?

सुखदेव पाल और ग्रामीणों ने अधिकारियों के घेराव तथा धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

Q. ऊर्जा निगम ने बिजली बंद रहने की क्या वजह बताई?

एसडीओ गिन्नी रानी के अनुसार, बिजली लाइनों में मरम्मत कार्य के दौरान आपूर्ति बंद रखी गई थी।