हरिद्वार में सालाना होने वाली ‘गंगा बंदी’ नहर प्रणाली के रखरखाव और मरम्मत के लिए जरूरी अवधि है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि नहरों का संचालन पूरे साल जारी रहता है। इस वजह से कई हिस्सों की पूरी तरह जांच करना संभव नहीं हो पाता।

त्यागी के अनुसार, नहरों में कई घटक लगातार पानी में डूबे रहते हैं या इस्तेमाल में रहते हैं। बंदी के दौरान ही इन हिस्सों में हुई अलग-अलग तरह की क्षति साफ दिखाई देती है। इसके बाद जरूरी मरम्मत की योजना बनाकर काम किया जा सकता है।

दिल्ली-एनसीआर और बिजली परियोजनाओं से जुड़ी नहर प्रणाली

विकास त्यागी ने बताया कि यह नहर प्रणाली दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को पीने का पानी उपलब्ध कराती है। इसका संबंध कई थर्मल पावर स्टेशनों से भी है, जिनमें एनटीपीसी दादरी संयंत्र शामिल है। इसके अलावा कई नदी-प्रवाह आधारित पनबिजली परियोजनाएं भी इस प्रणाली से जुड़ी हैं।

उन्होंने कहा कि नहरों का सालभर संचालन होने के कारण नियमित काम के दौरान हर हिस्से को खोलकर देखना संभव नहीं होता। इसलिए बंदी की अवधि में सामने आने वाली क्षतियों के आधार पर मरम्मत का काम तय किया जाता है।

कुंभ से जुड़े कामों के लिए अलग योजना

त्यागी ने बताया कि कुंभ मेले से जुड़े प्रोजेक्ट अलग-अलग स्थानों पर चल रहे हैं। इनके लिए नहर बंदी की अवधि को लेकर एक विशेष योजना बनाई गई है। इन कामों में कुछ कार्य उत्तराखंड सरकार की ओर से किए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ‘ग्रीन कॉरिडोर’ प्रोजेक्ट का सीधा संबंध गंगा बंदी से नहीं है। यानी इस परियोजना को नहरों की सालाना बंदी से अलग रखा गया है।

निष्कर्ष

गंगा बंदी नहरों के उन हिस्सों की जांच और मरम्मत का तय समय है, जिन्हें संचालन के दौरान देखना मुश्किल होता है। यह प्रणाली दिल्ली-एनसीआर की पेयजल आपूर्ति, एनटीपीसी दादरी जैसे संयंत्रों और नदी-प्रवाह आधारित पनबिजली परियोजनाओं से जुड़ी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. गंगा बंदी क्या है?

गंगा बंदी नहर प्रणाली के रखरखाव और मरम्मत के लिए होने वाली सालाना बंदी है।

Q. गंगा बंदी के दौरान मरम्मत क्यों की जाती है?

नहरों के संचालन के दौरान कई हिस्से पानी में डूबे रहते हैं या इस्तेमाल में होते हैं। बंदी के दौरान उनकी क्षति दिखाई देती है और मरम्मत की योजना बनाई जाती है।

Q. यह नहर प्रणाली किन क्षेत्रों को पानी देती है?

यह नहर प्रणाली दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को पीने का पानी उपलब्ध कराती है।

Q. कौन-सी बिजली परियोजनाएं इस प्रणाली से जुड़ी हैं?

इस प्रणाली का संबंध एनटीपीसी दादरी जैसे थर्मल पावर स्टेशन और कई नदी-प्रवाह आधारित पनबिजली परियोजनाओं से है।

Q. क्या कुंभ मेले के काम गंगा बंदी से जुड़े हैं?

कुंभ मेले से जुड़े कामों के लिए बंदी अवधि को लेकर अलग योजना है। इनमें कुछ काम उत्तराखंड सरकार कर रही है।

Q. क्या ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट गंगा बंदी का हिस्सा है?

नहीं। विकास त्यागी के अनुसार, ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट का गंगा बंदी से सीधा संबंध नहीं है।